BREAKING NEWS

PM मोदी ने की आयुष्मान भारत-डिजिटल मिशन की शुरुआत, कहा- गरीबों की दिक्कतें होंगी दूर◾नरेंद्र गिरि मौत केस को लेकर एक्शन में CBI, बाघंबरी मठ में सुसाइड सीन को किया रिक्रिएट◾भारत बंद के बीच मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने की केंद्र से मांग- कृषि कानून करें निरस्त ◾ममता ने BJP को बताया नाचने वाले ड्रैगन की जुमला पार्टी, शुभेंदु अधिकारी ने किया तीखा पलटवार ◾भारत बंद : दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लगा भारी ट्रैफिक जाम, गाड़ियों की लंबी कतारों से DND का भी बुरा हाल◾'भारत बंद' को मिला विपक्ष का समर्थन, कहा- काले कानून वापस लें केंद्र, किसानों का अहिंसक सत्याग्रह है अखंड ◾Coronavirus : देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 26 हजार से अधिक मामले आये सामने ◾World Corona : दुनियाभर में संक्रमितों का आंकड़ा 23.18 करोड़ के करीब, 47.4 लाख से अधिक लोगों की मौत ◾किसानों के भारत बंद के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ी,पुलिस अलर्ट पर ◾भारत बंद : कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर समेत दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाइवे को किसानों ने किया जाम◾दस साल तक प्रदर्शन के लिए तैयार हैं, लेकिन कृषि कानूनों को लागू नहीं होने देंगे : राकेश टिकैत◾संयुक्त किसान मोर्चा की सोमवार को भारत बंद के दौरान शांति की अपील, कई राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन◾दिग्विजय सिंह ने RSS संचालित सरस्वती शिशु मंदिर के खिलाफ दिया विवादित बयान◾PM मोदी ने नए संसद भवन के निर्माण स्थल का किया दौरा ◾RCB vs MI : पटेल की हैट्रिक और मैक्सवेल के शानदार प्रदर्शन से आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 54 से हराया◾अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को ‘एसबीआई जैसे’ 4-5 बैंकों की जरूरत : सीतारमण◾आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका 'पांचजन्य' ने अमेजन को 'ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0' बताया◾‘भारत बंद’ से पहले दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ायी, अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की◾गन्ना खरीद मूल्य 350 रुपये किए जाने पर प्रियंका का CM योगी पर तंज, कहा- किसानों के साथ किया धोखा◾पारंपरिक पोशाक पहनने वालों को प्रवेश नहीं देने वाले रेस्तरां के खिलाफ हो कार्रवाई : कांग्रेस◾

केंद्र और राज्य के बीच रेमडेसिविर को लेकर समन्वय की कमी : गुजरात HC

गुजरात हाई कोर्ट ने सोमवार को कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की आवश्यक मात्रा के आवंटन में केंद्र और राज्य सरकार के बीच ‘‘समन्वय की कमी’’ प्रतीत होती है। अदालत ने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने पिछले एक महीने से राज्य को प्रतिदिन करीब 16,000 शीशियों की आपूर्ति जारी रखी है जबकि मांग प्रतिदिन लगभग 25,000 शीशियों की थी।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति भार्गव डी त्रिवेदी की एक खंडपीठ ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सहायक सॉलिसिटर जनरल देवांग व्यास से पूछा कि गुजरात की मांग क्यों नहीं पूरी की जा रही है। अदालत से सवाल किया, ‘‘उन रोगियों का क्या होगा जिन्हें इस (इंजेक्शन) की आवश्यकता है? क्या सरकार को रोगियों को रेमडेसिविर के अभाव में मरने देना चाहिए?’’

अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह राज्यों को कोविड​​​​-19 के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रेमेडिसविर के आवंटन के लिए नीति को रिकॉर्ड में रखें। अदालत ने कहा कि उत्पादन पहले के 30,00,000 शीशी प्रति माह से बढ़कर एक करोड़ शीशी होने के बावजूद, गुजरात के लिए केंद्र का आवंटन 21 अप्रैल से लगभग 16,000 प्रतिदिन बना हुआ है। 

अदालत कोविड-19 महामारी से संबंधित मुद्दों पर स्वत: संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत को बताया कि 21 अप्रैल से 16 मई के बीच गुजरात को प्रतिदिन 16,115 शीशियों की दर से रेमेडिसविर की 4,19,000 शीशियां मिलीं, जबकि राज्य ने 25,000 से अधिक शीशियों की मांग की थी। उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की 25,000 शीशियों की मांग अधिकतम थी।

अदालत ने कहा, ‘‘फिलहाल आपका (राज्य का) जीएमएससीएल (गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) इसे (अस्पतालों को) गुजरात में आवश्यकताओं के अनुसार वितरित कर रहा है। फिर, उन परिस्थितियों में जब अस्पतालों से जीएमएससीएल को मांग आती है और आप (सरकार) इसे केंद्र को भेजते हैं।’’

अदालत ने कहा कि अब ऐसा लगता है कि केंद्र और राज्य के बीच पिछले एक महीने से शेष लगभग 10,000 रेमडेसिविर शीशियों की खरीद के लिए समन्वय की कमी है। अदालत ने कहा कि केंद्र को सोमवार से ही पर्याप्त कोटा देना चाहिए।

व्यास ने अदालत को बताया कि रेमडेसिविर को 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग और शीशियों की उपलब्धता के अनुसार आवंटित किया जा रहा था और ऐसा नहीं है कि केंद्र के पास असीमित आपूर्ति थी और वह इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रोक रहा था।

व्यास ने कहा कि, 21 अप्रैल से 23 मई के बीच, गुजरात को आपूर्ति बढ़कर 5,10,000 शीशी हो गई जिससे यह देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे स्थान पर है। अदालत की पीठ ने तब केंद्र से कहा कि वह मांग और आवंटन के बीच अंतर को जायज ठहराए और आवंटन के लिए अपनाई जा रही नीति को भी रिकॉर्ड में रखें। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी।