भोपाल : नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने ओरछा में अरबों रुपए की सरकारी जमीन को कम दामों पर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाने का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया। अजय सिंह ने कहा कि इस पूरे जमीन घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की जाना चाहिए। ताकि फर्जी रजिस्ट्री करने और करवाने वाले लोग जेल जाएं। अजय सिंह ने कहा कि ओरछा भगवान राम के मंदिर होने के कारण धार्मिक तथा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरी है।

भाजपा नेताओं के भूमि प्रेम ने इस नगरी में भ्रष्टाचार के साथ ही धोखाधड़ी कर अरबों रुपए की जमीन कम कीमत पर अपने नाम पर करवा ली। खसरा नंबर 574/2 और खसरा नंबर 249/2 की जमीन के प्लाट काटकर बेचे गए हैं। यह भूमि भू-अभिलेख की बेवसाइट पर सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है।  अजय सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में खासतौर से धार्मिक और पर्यटन महत्व के नगरों में भाजपा के लोग अरबों रुपए की सरकारी जमीन फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन आंख बंद करके बैठा है क्योंकि भाजपा के इन नेताओं को शिवराज सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

गिनाए भाजपा नेताओं के नाम: अजय सिंह ने कहा कि भाजपा विधायक अनिल जैन ने ओरछा बायपास पर अपनी पत्नी निरंजना जैन निवासी सब्जी मंडी निवाड़ी के नाम खसरा नंबर 574/2 में 4800 और 5000 वर्ग फीट के दो प्लाट की रजिस्ट्री करवाई है। इसी तरह विधायक के साथी कमलापत राय की पत्नी रजनी राय के नाम इसी खसरा नंबर पर 574/2 में 2500-2500 वर्ग फीट के दो प्लाट की रजिस्ट्री हुई है।विधायक प्रतिनिधि रहे अरविंद उर्फ मनु चैबे की पत्नी दीपमाला चैबे के नाम 5000 वर्ग फीट का प्लाट खरीदा है। खसरा नंबर 249/2 में लगभग साढ़े सत्रह हजार वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री हुई, जो भाजपा से जुड़े लोगों ने फर्जी तरीके से करवाई है। यह दोनों खसरा नंबर राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हैं।