BREAKING NEWS

चीन में कोरोना वायरस का कहर जारी, मरने वालों की संख्या 2000 के पार◾मनमोहन ने की Modi सरकार की आलोचना, कहा - सरकार आर्थिक मंदी को स्वीकार नहीं कर रही है◾अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के मद्देनजर J&K में सुरक्षा बल सतर्क◾राम मंदिर का मॉडल वही रहेगा, थोड़ा बदलाव किया जाएगा : नृत्यगोपाल दास ◾मुंबई के कई बड़े होटलों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल भेजने वाला लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य◾‘हिंदू आतंकवाद’ की साजिश वाली बात को मारिया ने 12 साल तक क्यों नहीं किया सार्वजनिक - कांग्रेस◾सरकार को अयोध्या में मस्जिद के लिए ट्रस्ट और धन उपलब्ध कराना चाहिए - शरद पवार◾संसदीय क्षेत्र वाराणसी में फलों फूलों की प्रदर्शनी देख PM मोदी हुए अभिभूत, साझा की तस्वीरें !◾दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप, विश्व में अब तक 75,000 से अधिक लोग वायरस से संक्रमित◾आर्मी हेडक्वार्टर को साउथ ब्लॉक से दिल्ली कैंट ले जाया जाएगा : सूत्र◾INDO-US के बीच व्यापार समझौता ‘अटका’ नहीं है : डोनाल्ड ट्रंप ने कहा - जल्दबाजी में यह नहीं किया जाना चाहिये◾कन्हैया ने BJP पर साधा निशाना , कहा - CAA से गरीबों एवं कमजोर वर्गों की नागरिकता खत्म करना चाहती है Modi सरकार◾महंत नृत्य गोपाल दास बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष , नृपेंद्र मिश्रा को निर्माण समिति की कमान◾पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू के AAP में जाने की अटकलें , भगवंत बोले- कोई वार्ता नहीं हुई◾पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नवजोत सिद्धू AAP में जाने की अटकलें , भगवंत बोले- कोई वार्ता नहीं हुई◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह जाएंगे बांग्लादेश दौरे पर◾विनायक दामोदर सावरकर पर बड़े विमर्श की तैयारी, अमित शाह संभालेंगे कमान◾अगले 5 साल में खोले जाएंगे 10,000 नए एफपीओ, मंत्रिमंडल ने दी योजना को मंजूरी◾केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 22वें विधि आयोग के गठन को मंजूरी दी◾देश विरोधी नारों के मामले को लेकर केजरीवाल बोले - कन्हैया के चार्जशीट पर निर्णय के लिए विधि विभाग से कहेंगे◾

सीएए के खिलाफ एलडीएफ सरकार की याचिका, राज्यपाल ने कहा कि वह रिपोर्ट मांग सकते हैं

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर वाम शासित राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि इस बारे में उन्हें सूचना नहीं देने को लेकर वह रिपोर्ट मांग सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर प्रहार करते हुए खान ने कहा कि ‘‘किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की सनक’’ के अनुसार सरकार नहीं चलाई जा सकती और हर किसी को नियमों का सम्मान करना होगा। राज्य सरकार ने 13 जनवरी को उच्चतम न्यायालय में कानून को चुनौती दी थी और इसे संविधान के प्रतिकूल घोषित करने की मांग की थी। 

खान ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब भी मैं देखता हूं कि उल्लंघन हुआ है, वे नियमों से हट रहे हैं, संविधान के प्रावधानों से इतर होते हैं तो निश्चित तौर पर मैं रिपोर्ट मांगूंगा।’’ राज्यपाल ने कहा कि उन्हें सुनिश्चित करना है कि राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल नहीं हो। 

केरल हाउस में संवाददाताओं से मुलाकात में खान ने कहा कि किसी राज्य के राज्यपाल की भूमिका संविधान में स्पष्ट वर्णित है और नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि इस तरह के मामले जो ‘‘राज्य और केंद्र के बीच संबंध को प्रभावित करते हैं’’ उन मामलों को मुख्यमंत्री को राज्यपाल को सौंपना चाहिए। 

खान ने कहा, ‘‘कोई निर्णय लिए जाने से पहले इस तरह के मामलों को मुख्यमंत्री को राज्यपाल को सौंपना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जो मामले राज्य सरकार का संबंध भारत के साथ प्रभावित करते हों... मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह इन मामलों को राज्यपाल को सौंपे।’’ उन्होंने कहा कि राज्य का राज्यपाल ‘‘संवैधानिक प्रमुख’’ होता है जो संविधान के मुताबिक सरकार के कामकाज के लिए जिम्मेदार होता है। 

उच्चतम न्यायालय में दाखिल मुकदमे के मुताबिक राज्य सरकार ने सीएए 2019 को संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता), 21 (जीवन और निजी स्वतंत्रता की सुरक्षा) और 25 (अंतरात्मा की स्वतंत्रता और पेशे, कार्य और धर्म की स्वतंत्रता) का उल्लंघन है। साथ ही यह धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। 

खान ने कहा, ‘‘देश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हम सभी को कानून, संविधान का पालन करना चाहिए। मैं भारत के राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करता हूं। जब राष्ट्रपति अपनी सहमति दे देते हैं तो इसकी रक्षा करना मेरा काम है।’’ राज्यपाल ने केरल में बृहस्पतिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि प्रोटोकॉल के मुताबिक उच्चतम न्यायालय में जाने से पहले संवैधानिक प्रमुख होने के नाते उनसे संपर्क किया जाना चाहिए था और उन्होंने सरकार के कदम को ‘‘अनुचित’’ करार दिया।