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असंतुष्ट नेताओं से ममता बनर्जी की अपील : पार्टी को गलत मत समझिए, हम गलतियों को सुधारेंगे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं से बुधवार को कहा कि वह उन नेताओं के बारे में जानती हैं, जो विपक्षी खेमे के संपर्क में हैं पर व्यक्तियों के बीच मतभेदों के कारण पार्टी में कोई भ्रांति पैदा नहीं होनी चाहिए। 

बनर्जी ने कहा कि वह पार्टी के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी स्वयं देखेंगी। उन्होंने कोविड-19 संक्रमण के बीच यहां अपनी पहली जन रैली में कहा, ‘‘मैंने जीवनभर राजनीति में काम किया है। मैं अपने अनुभव के आधार पर कभी यह दावा नहीं कर सकती कि हर कोई अच्छा होता है। एक या दो लोग ऐसे हो सकते हैं, जो अच्छे नहीं हों, लेकिन हम इन गलतियों को सुधारेंगे। यदि कोई गलती हुई है, तो तृणमूल कांग्रेस उसे ठीक करेगी।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ गलतफहमी हो सकती है या कोई व्यक्ति कुछ लोगों से नाराज हो सकता है, लेकिन इसके लिए पार्टी को गलत मत समझिए।’’ बनर्जी ने कहा कि तृणमूल में अपने नेताओं के बारे में जमीनी रिपोर्ट हासिल करने की व्यवस्था है और ऐसे कई नेताओं को हटाया जा चुका है, जिनके बारे में शिकायतें मिली थीं। 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों को शिकायत है कि किस जिले में कौन पार्टी पर्यवेक्षक बनेगा। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं पूरे राज्य के लिए पार्टी पर्यवेक्षक हूं। आप जब एक राजनीतिक पार्टी में होते हैं, तो आपको हरेक को साथ लेकर चलने की आवश्यकता होती है।’’ 

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बनर्जी ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब कई तृणमूल नेता शिकायत कर रहे हैं कि पार्टी की कमान अब उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं उन लोगों के इरादे से अच्छी तरह वाकिफ हूं जो विपक्षी खेमे के संपर्क में हैं। मैं जानती हूं कि कुछ अवसरवादी लोग हैं, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की तुलना में उनकी संख्या कम है।’’ 

असंतुष्ट तृणमूल नेता और राज्य परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी कुछ समय से पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं और कुछ महीनों से राज्य कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हुए हैं। उनके निकटस्थ सूत्रों ने बताया कि वह जिला पर्यवेक्षक का पद समाप्त किए जाने के विचार को लेकर सहज नहीं हैं। अधिकारी के अलावा भी कई अन्य विधायकों और नेताओं ने पार्टी के खिलाफ बात की है, जिसके बारे में कुछ साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होंगे।