मिजोरम के प्रसिद्ध ईसाई नेता एवं पूर्व मंत्री रेव एच़ ललरुआता लुंगलेई ईस्ट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने से भगवा पार्टी को राजनैतिक वैधता दी है। श्री रेव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल के समर्थन और झुकाव की वजह से ही वह भाजपा में शामिल हुये हैं।

श्री रेव ने यूनीवार्ता से कहा, ‘वह भाजपा में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुये हैं।’ उन्होंने बताया कि वह श्री मोदी के विकास के कार्यों, अमेरिका एवं इजरायल के साथ घनिष्ठ संबंधों और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ गहरी मित्रता से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका एवं इजरायल समर्थित नीति से पूर्व पेंटेकोस्टल पादरी के अलावा कई लोग प्रभावित हुये हैं।

एक 35 वर्षीय महिला मेरी विनचेस्टर जोलुट ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास करते है कि वह इजरायल के साथ संबंध बनाकर अच्छा काम कर रहे हैं।’ भाजपा नेता एच। लालरुआता और अन्य लोगों ने कहा कि मूल मिजो निवासी भी यह देखकर खुश है कि मोदी सरकार कांग्रेस की विदेश नीति से अलग हटकर कर काम कर रही है जोकि कम्युनिस्ट रूस और पूर्व सोवियत संघ के करीब थी। एक अन्य मिजो युवा आर।

जेड़ थंगजुआला(28) ने कहा,’ इससे पहले, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेतृत्व वाली सरकार अमेरिका एवं इजरायल से दूरियां बना रखी थीं लेकिन श्री मोदी भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत कर रहे हैं।

श्री मोदी की यह छवि ईसाई समुदाय में अच्छी बनी हुई है।’ मिजो-यहूदियों की एक बड़ संख्या‘बेनई मेनाशे (जोसेफ के पुत्र)’या इजरायल के लुप्त हुयी जनजाति के वंशज होने का दावा करती है। वास्तव में, इन लोगों की संख्या कुछ हजारों में है। यहूदी धर्म को मानने वाले मिजो लोग प्रधानमंत्री मोदी के इजरायली समकक्ष नेतन्याहू के साथ दोस्ती के आधार पर भाजपा लिए श्री रेव का समर्थन करता है।