मोदी सरकार ‘सबसे भ्रष्ट’, उसका रिकॉर्ड बहुत ही खराब : पृथ्वीराज चव्हाण

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पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ”लोगों को अब समझ आ गया है कि इन लोगों ने ऐसे वादे देकर उनसे झूठ बोला है जिन्हें पूरा करने की उनकी मंशा ही नहीं थी।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने नरेंद्र मोदी सरकार को खरी खोटी सुनाते हुए उसे भारत के इतिहास की “सबसे भ्रष्ट” सरकार बताया और कहा कि उसका प्रदर्शन “खराब एवं निंदनीय” हैं। उन्होंने भाजपा नीत सरकार पर राजद्रोह कानून का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस चाहती है कि लोग देशद्रोह और सरकार का विरोध करने के बीच के अंतर को समझें।

चव्हाण ने दावा किया कि अब लोगों में भय है कि ”तानाशाही प्रकृति वाले मोदी”, अगर सत्ता में रहते हैं तो भारतीय लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा किया था।

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ”2014 में मोदी प्रचार शुरू होने से पहले ही विजेता के तौर पर उभरे थे। संप्रग-दो के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए जिनपर लोगों ने यकीन किया। कई आरोप गढ़े गए थे। हम प्रभावी ढंग से अपना बचाव नहीं कर पाए। अन्ना हजारे आंदोलन ने भी हमारे खिलाफ माहौल तैयार किया। मोदी का भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का वादा अत्यंत महत्त्वपूर्ण था क्योंकि कई लोगों ने उन्हें सत्ता में लाने के लिए वोट किया था।”

PM Modi

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उन्होंने आरोप लगाया, ”लेकिन अगर आप उनका ट्रैक रिकॉर्ड देखेंगे तो यह बहुत खराब एवं निंदनीय है। मोदी सरकार भारत के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार है।” चव्हाण ने कहा, ”लोगों को अब समझ आ गया है कि इन लोगों ने ऐसे वादे देकर उनसे झूठ बोला है जिन्हें पूरा करने की उनकी मंशा ही नहीं थी।”

उन्होंने कहा, ”मोदी का प्रदर्शन इस बार के प्रचार का एजेंडा है। लेकिन विकास के वादों पर उनके पास कोई जवाब नहीं है। इसकी बजाए उन्होंने ध्यान राष्ट्रीय सुरक्षा और कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी पार्टियों के खिलाफ दुष्प्रचार पर केंद्रित कर दिया है।”

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ”पुलवामा के बाद तरह-तरह की बातें गढ़ी जा रही हैं। कांग्रेस पार्टी उनसे हर चीज पर सवाल पूछेगी। विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना, उसका पर्दाफाश करना और उसे सत्ता से हटाना है।” चव्हाण ने कहा कि वह महाराष्ट्र में 2014 के लोकसभा चुनावों की तुलना में इस बार कांग्रेस-राकांपा से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। पिछली बार कांग्रेस को दो और राकांपा को चार सीटों पर जीत मिली थी।

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