मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में फिरौती के लिए अपहृत लगभग 6 साल के दो जुड़वा स्कूली बच्चों की हत्या की निर्मम घटना के बाद आज चित्रकूट में आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन हुआ है। वही इस मामले में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं दो बच्चों को श्रद्धांजलि देता हूं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। हमें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से लेगी। इस घटना ने मुझे हिला दिया।

विपक्ष के निशाने पर सरकार

वहीं गोपाल भार्गव ने एमपी सरकार को घेरे में लिया गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर कहा कि दोनों अपहृत बच्चों के आज शव प्राप्त होने की दुखद सूचना प्राप्त हुयी है। उन्होंने दोनों बच्चों की आत्मा की शांति और उनके माता पिता समेत परिजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से की है।

एक अन्य ट्वीट में गोपाल भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन चित्रकूट से अपहृत बालकों को मुक्त कराने में बारह दिनों बाद भी असफल रहा। अंतत: दोनों बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गयी। लेकिन राज्य सरकार ट्रांसफरों में मस्त है। प्रशासनिक रिक्तता और अराजकता भीषण रूप से प्रदेश में व्याप्त हो चुकी है।

गोपाल भार्गव ने राज्य की लगभग दो माह पुरानी कांग्रेस सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि अब राज्य में दो ही उद्योग चलेंगे। एक अपहरण का और दूसरा ट्रांसफरों का। गोपाल भार्गव ने काफी तीखा हमला करते हुए कहा कि अब चाहें तो मुख्यमंत्री कमलनाथ इन दोनों उद्योगों की‘इंवेस्टर समिट’भी बुला सकते हैं। क्योंकि अशांति के इस माहौल में अब कोई उद्योगपति तो आने से रहा।

दरअसल, मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में फिरौती के लिए अपहृत लगभग 6 साल के दो जुड़वा स्कूली बच्चों की हत्या की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों बच्चों का 12 फरवरी को अपहरण हुआ था और कल रात इनके शव उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के बबेरू क्षेत्र में नदी के पास मिले।

बताया गया है कि अपहरणकर्ताओं ने दोनों मासूम बच्चों के हाथ पैर बांधकर उन्हें नदी में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी। इसकी सूचना आज सुबह आम नागरिकों को मिली और उन्होंने सतना जिले के चित्रकूट नगर पंचायत क्षेत्र में कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ कर दी। नागरिकों ने उस घर को भी निशाना बनाया, जिसके परिवार के कुछ सदस्य इस जघन्य अपराध में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने बच्चों की हत्या के मामले में कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

वहीं संपूर्ण जिले में ऐहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी और बढ़ दी गयी है। चित्रकूट में भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जा रहा है। दरअसल सतना जिले का चित्रकूट, मझगवां तहसील और नयागांव थाना क्षेत्र के तहत आता है। चित्रकूट से कुछ किलोमीटर की दूरी पर उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिले का कर्बी थाना क्षेत्र लगता है।

अपहृत बच्चे प्रियांश और श्रेयांस के पिता मूल रूप से कर्बी के रहने वाले हैं और चित्रकूट में उनके बच्चे पढ़ते थे और वहीं पर उनका व्यवसाय भी है। इस घटना में चित्रकूट के कुछ लोगों के शामिल होने की सूचना के बाद नागरिक आक्रोशित हो गए।