मुंबई : शहर की लाइफलाइन बंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) के 20,000 से अधिक कर्मचारियों की सातवें दिन सोमवार को भी जारी हड़ताल से 40 लाख से अधिक यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हैं। बेस्ट के निजीकरण के कदम के बीच सत्तारूढ़ शिवसेना व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसके राजनीतिक नजीजों को लेकर चिंतित हैं और बसों को वापस सड़कों पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

बेस्ट, दक्षिण मुंबई में विद्युत आपूर्ति करती है और मुंबई व मुंबई उपनगरों, ठाणे व रायगढ़ में यात्रियों को सार्वजनिक बस सेवाएं मुहैया कराती है। विपक्षी कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इन घटनाक्रमों के लिए शिवसेना और भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने हड़ताल का मुद्दा सोमवार को नहीं सुलझने पर पूरी मुंबई में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की धमकी दी है।

BEST Strike

बेस्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव ने कहा है कि सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय में होनी वाली सुनवाई के बाद वह इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेंगे। राज्य सरकार, बेस्ट प्रशासन व कर्मचारियों के बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति (बीएसकेकेएस) दोनों से बातचीत के बाद मामले पर रपट जमा करेगी।

कर्मचारियों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल आठ जनवरी से चल रही है। इन मांगों में घाटे में चल रही बेस्ट के आर्थिक रूप से समृद्ध बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के साथ विलय, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन सहित वेतन समझौते व अन्य दूसरी मांगें शामिल हैं।