नकदी संकट के बावजूद गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्तीय कंपनियों (एमएफआई) ने 2018-19 में प्रतिभूतिकरण के जरिए करीब 26,200 करोड़ रुपये जुटाए। यह 2017-18 में जुटाई गई पूंजी के 170 प्रतिशत से अधिक है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 2017-18 में एनबीएफसी-एमएफआई ने प्रतिभूतिकरण से 9,700 करोड़ रुपये जुटाए थे।

 इक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर लिजिंग एंड फाइनेंस सर्विसेज (आईएलएंडएफएस) द्वारा चूक करने के बाद एनबीएफसी और एमएफआई कंपनियों को नकदी संकट का सामना करना पड़ रहा है। उसने कहा कि पूंजी जुटाने के लिए प्रतिभूतिकरण की ओर निर्भरता बढ़ी है। कंपनियों ने 2018-19 में अपने वृद्धि के आंकड़ों को हासिल करने के लिए प्रतिभूतिकरण का रास्ता अपनाया।

इक्रा के ग्रुप हेड (स्ट्रक्चर्ड फाइनैंस रेटिंग्स) विभोर मित्तल ने कहा , ‘2017-18 और 2018-19 की पहली छमाही में प्रतिभूतिकरण की कुल वितरण में केवल 18-20 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। हालांकि , तीसरी और चौथी तिमाही में इसमें क्रमश : 37 प्रतिशत और 50 प्रतिशत की उछाल का अनुमान है।’