BREAKING NEWS

मुझे पेशेवर सेवाओं के लिए पीएफआई की तरफ से भुगतान किया गया था: कपिल सिब्बल ◾कोरेगांव-भीमा मामला : भाकपा ने कहा- NIR को सौंपना पूर्व भाजपाई सरकार के झूठ पर “पर्दा डालने की कोशिश’◾कोई शक्ति कश्मीरी पंडितों को लौटने से नहीं रोक सकती : राजनाथ सिंह ◾उत्तरप्रदेश : प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ मानवाधिकार पहुंचे राहुल और प्रियंका ◾‘कर चोरी’ मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ मद्रास उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर अंतरिम रोक बढ़ाई ◾ताजमहल एक खूबसूरत तोहफा है, इसे सहेजने की हम सबकी है जिम्मेदारी : बोलसोनारो◾जम्मू : डोगरा फ्रंट ने शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ निकाली रैली◾मुख्यमंत्री से रिश्ते सुधारने की कोशिश करते दिखे राज्यपाल धनखड़, लेकिन कुछ नहीं बोलीं ममता बनर्जी ◾रामविलास पासवान ने अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर दी बधाई, बोले- उन्होंने अपनी प्रतिभा से भारत की प्रतिष्ठा एवं सम्मान बढ़ाया है◾वैश्विक आलू सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे PM मोदी ◾TOP 20 NEWS 27 January : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾पश्चिम बंगाल विधानसभा में CAA विरोधी प्रस्ताव पारित, ममता बनर्जी ने केंद्र के खिलाफ लड़ने का किया आह्वान◾अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में यात्री विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 110 लोग थे सवार◾उत्तर प्रदेश में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान PFI से जुड़े 73 खातों में जमा हुए 120 करोड़ रुपए◾भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वालों को मिल रही है शाहीन बाग प्रदर्शन की आड़ : रविशंकर प्रसाद◾सुप्रीम कोर्ट का NPR की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार, केंद्र को जारी किया नोटिस◾केजरीवाल बताएं, भारत को तोड़ने की चाह रखने वालों का समर्थन क्यों कर रहे : जेपी नड्डा◾शरजील इमाम के बाद एक और विवादित वीडियो आया सामने, संबित पात्रा ने ट्वीट कर कही ये बात◾निर्भया केस : दोषी मुकेश ने की दया याचिका अस्वीकृत करने के खिलाफ SC से तत्काल सुनवाई की मांग◾दिग्विजय सिंह की PM मोदी को सलाह, कहा-NRC के बजाय शिक्षित बेरोजगारों का राष्ट्रीय रजिस्टर करें तैयार ◾

सबरीमला पर सरकार के रूख में कोई बदलाव नहीं : पिनराई विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को कहा कि सबरीमला पर माकपा की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार के रूख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने नये कानून के नाम पर श्रद्धालुओं को ‘‘धोखा’’ दिया है। 

विजयन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सबरीमला पर राज्य सरकार के रूख में कोई बदलाव नहीं आया है। हमारा रूख उच्चतम न्यायालय के आदेश का क्रियान्वयन करने का था। यदि न्यायालय कोई और आदेश देता है तो हम उसके मुताबिक काम करेंगे।’’ 

गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने पिछले साल 28 सितंबर को सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में पूजा अर्चना करने की इजाजत दे दी थी। एलडीएफ सरकार ने जब अदालत के फैसले को लागू करने की घोषणा की थी तब समूचे राज्य में भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किये थे। 

विजयन ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘किसी को यह सोचने की जरूरत नहीं है कि राज्य में लोकसभा चुनाव के नतीजे निर्धारित करने के जो कारण रहे थे, वही पाला विधानसभा सीट उपचुनाव के परिणाम को भी प्रभावित करेंगे। भाजपा ने हमेशा ही सबरीमला का इस्तेमाल किया। यह हमें प्रभावित नहीं करने जा रहा।’’ 

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में राज्य की कुल 20 सीटों में विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि एलडीएफ महज एक सीट जीत पाई थी। 

विजयन ने कहा कि भाजपा ने अपने झूठे वादों में यकीन करने वाले लोगों को धोखा दिया है। दरअसल, भाजपा ने दावा किया था कि केंद्र सरकार (सबरीमला पर शीर्ष न्यायालय के फैसले को नाकाम करने के लिए) एक नया कानून लाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कहां हैं वे लोग, जिन्होंने दावा किया था कि वे सबरीमला से जुड़े विषय पर एक नया कानून लाएंगे ? अब वे (भाजपा) कह रहे हैं कि यह संभव नहीं है। क्या उन्होंने उन लोगों को धोखा दिया, जिन्होंने उन पर भरोसा किया था।’’ 

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी श्रद्धालुओं के साथ है। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां देश का संविधान फिर से लिखना चाहती है। लेकिन अभी एक निर्वाचित सरकार संविधान के मुताबिक ही काम करेगी। वहीं,विजयन के बयानों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा ने कहा कि यह वाम दल के वैचारिक दिवालियेपन को प्रदर्शित करता है। 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि माकपा और राज्य सरकार सबरीमला पर अपने दोहरे मानदंड से लोगों को ठग रही है।