ओडिशा दमकल विभाग का एक दल मेघालय में रैट होल कोयला खदान में बाढ़ का पानी भर जाने से उसमें फंसे 15 मजूदरों की तलाश और बचाव अभियान में मदद करने के लिए शुक्रवार को पूर्वोत्तर राज्य के लिए रवाना हो गया। मेघालय में लुम्थारी गांव के एक इलाके में 370 फुट गहरी अवैध कोयला खदान में ये मजदूर 13 दिसंबर से फंसे हुए हैं।
दमकल विभाग के महानिदेशक बी. के. शर्मा ने बताया कि मुख्य दमकल अधिकारी सुकांत सेठी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय दल हाई पावर पम्प समेत अन्य उपकरणों के साथ भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान से शिलांग के लिए रवाना हो गया। ओडिशा दमकल विभाग टीम के विमान में सवार होने पर शर्मा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘गेट, सेट एंड गो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे कोयला खदान में फंसे मजदूरों को बचाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद करेंगे।’’ अधिकारी ने बताया कि दल के पास कम से कम 20 हाई पावर पम्प है। प्रत्येक पम्प एक मिनट में 1,600 लीटर पानी निकालने में सक्षम है। उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जिसे इस तरह की आपदाओं से निपटने का अनुभव है।’’
दमकल विभाग के कर्मचारी कई अन्य हाई टेक उपकरणों और गैजेट से भी लैस हैं। अधिकारी ने बताया कि दल पहले खोज एवं बचाव अभियान की योजना बनाने से पूर्व घटनास्थल पर स्थिति का अध्ययन और विश्लेषण करेगा। उन्होंने कहा कि किसी कोयला खदान में बचाव अभियान चलाना ओडिशा दमकल सेवा कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण अनुभव होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कर्मचारी अच्छी तरह प्रशिक्षित और किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पहले भी केरल समेत ओडिशा के भीतर और बाहर मुश्किल बचाव अभियान सफलतापूर्वक चलाए हैं। इस साल अगस्त में केरल में आई विध्वंसकारी बाढ़ के समय ओडिशा दमकल सेवा के 240 सदस्यीय दल ने बचाव अभियान में मदद की थी।


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