BREAKING NEWS

Udaipur Murder Case: उदयपुर हत्याकांड के बाद अलर्ट पर यूपी पुलिस ◾Maharashtra News: हमारे पास 50 विधायकों का समर्थन......., एकनाथ शिंदे का बड़ा दावा◾ कन्हैयालाल की हत्या पर बोले औवेसी- घटना आतंकी कृत्य ◾उदयपुर में हत्या के मामले पर अनुराग ठाकुर बोले- गहलोत हमेशा अपनी जिम्मेदारी से बचते रहते है ◾Vice President Election: उपराष्ट्रपति चुनाव की रूपरेखा तैयार, 6 अगस्त को होगा मतदान, इस दिन भरा जाएगा नामांकन ◾ युवाओं को अग्निवीर बनने का चढ़ रहा जुनून, छह दिन में वायुसेना को प्राप्त हुए दो लाख से ज्यादा आवेदन ◾Kanhaiya Lal Murder: कन्हैया लाल का हुआ अंतिम संस्कार, उदयपुर हत्याकांड की जांच एनआईए को सौंपी गई ◾GST के दायरे में आएंगे खाद्य पदार्थ, राहुल बोले-PM का ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बना ‘गृहस्थी सर्वनाश टैक्स’ ◾बिहार में ओवैसी को बड़ा झटका, AIMIM के चार विधायक RJD में शामिल ◾नवाब मलिक और अनिल देशमुख ने किया SC का रुख, शक्ति परीक्षण में भाग लेने की मांगी अनुमति◾मुकेश अंबानी को सुरक्षा देने के मामले में SC ने त्रिपुरा HC के फैसले पर लगाई रोक, जानिए क्या है मामला ◾कराह उठा हर कोई, राक्षस से ऊपर बढ़कर किया गया कन्हैयालाल का कत्ल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा ◾उदयपुर हत्याकांड को लेकर उमा भारती ने गहलोत सरकार को घेरा, प्रज्ञा बोली- कांग्रेस अभी भी जिंदा है देश शर्मिंदा है◾कन्हैयालाल मर्डर केस : राज्यवर्धन राठौर बोले-राजस्थान में कांग्रेस की नंपुसक सरकार◾ जीटीए चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने खोला खाता, एक सीट जीती , मतगणना जारी ◾'दोषियों को तुरंत ठोंक देना चाहिए', कन्हैयालाल की हत्या पर बोले प्रताप सिंह खाचरियावास◾असम में बाढ़ राहत कार्य के लिए शिवसेना के बागी विधायकों ने दिए 51 लाख रुपए, कल पेश करेंगे विश्वास मत ◾उदयपुर : NIA अपने हाथ में लेगी कन्हैया लाल हत्याकांड की जांच, गृह मंत्रालय का निर्देश◾उदयपुर हत्याकांड पर बोले CM गहलोत- यह कोई मामूली घटना नहीं, जांच के लिए गठित की SIT ◾नवीन कुमार जिंदल को मिली जान से मारने की धमकी, ईमेल में भेजा उदयपुर हत्याकांड का वीडियो◾

हिजाब बैन: कर्नाटक HC के फैसले पर ओवैसी हमलावर... जताई असहमति, उमर अब्दुल्ला ने कही ये बात

कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ सभी छात्र याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं को खारिज करने के तुरंत बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर यह संदेश दिया कि वह इस फैसले से असहमत हैं, ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, ओवैसी ने अदालत के आदेश के जवाब में 14 बिंदु रखे।

ओवैसी ने HC के फैसलर पर जताई असहमति 

ओवैसी ने अपने ट्वीट में कहा, "मैं हिजाब पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से असहमत हूं। फैसले से असहमत होना मेरा अधिकार है और मुझे उम्मीद है कि याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील करेंगे, मुझे यह भी उम्मीद है कि अन्य धार्मिक समूहों के संगठन भी इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे क्योंकि इसने धर्म, संस्कृति, स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया है।” ओवैसी ने कहा कि एक धर्मनिष्ठ मुस्लिम के लिए, हिजाब एक पूजा का कार्य है जिसका उल्लेख भारतीय संविधान की प्रस्तावना में किया गया है। 

धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हो रहा हनन 

ओवैसी ने कहा कि "संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि हर किसी के पास विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास और पूजा की स्वतंत्रता है .... अगर यह मेरा विश्वास है कि मेरे सिर को ढंकना जरूरी है तो मुझे इसे व्यक्त करने का अधिकार है। एक धर्मनिष्ठ मुसलमान के लिए हिजाब भी एक इबादत है।” ओवैसी ने यह भी कहा कि यह आवश्यक धार्मिक अभ्यास परीक्षण की समीक्षा करने का समय है, उन्होंने यह भी कहा कि यह बेतुका है कि न्यायाधीश अनिवार्यता तय कर सकते हैं। HC नहीं तय कर सकता हिजाब को लेकर अनिवार्यता

उन्होंने कहा कि यह समय आवश्यक धार्मिक अभ्यास परीक्षण की समीक्षा करने का है। एक भक्त के लिए सब कुछ आवश्यक है और एक नास्तिक के लिए कुछ भी आवश्यक नहीं है। एक हिंदू ब्राह्मण के लिए जनेऊ आवश्यक है लेकिन गैर-ब्राह्मण के लिए यह नहीं हो सकता है। यह बेतुका है कि न्यायाधीश हिजाब को लेकर अनिवार्यता तय कर सकते हैं। एक ही धर्म के अन्य लोगों को भी अनिवार्यता तय करने का अधिकार नहीं है। यह व्यक्ति और ईश्वर के बीच है। राज्य को धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करने की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए जब इस तरह के कार्यों से दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं। 

यूनिफार्म एकरूपता करती है सुनिश्चित? 

ओवैसी ने यह भी कहा कि हेडस्कार्फ़ पर प्रतिबंध लगाने से उन्हें शिक्षा प्राप्त करने से रोका जा सकेगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि एक यूनिफार्म एकरूपता कैसे सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने कहा, “हेडस्कार्फ़ पर प्रतिबंध निश्चित रूप से धर्मनिष्ठ मुस्लिम महिलाओं और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचता है क्योंकि यह उन्हें शिक्षा प्राप्त करने से रोकता है। इस मामले में इस्तेमाल किया जा रहा बहाना यह है कि यूनिफार्म एकरूपता सुनिश्चित करेगी। कैसे? क्या बच्चों को पता नहीं चलेगा कि अमीर या गरीब परिवार से कौन है? क्या यह जाति के नाम पृष्ठभूमि को नहीं दर्शाते हैं?”

मोदी सरकार एक धर्म को बना रही निशाना 

इसके बाद के ट्वीट्स में, ओवैसी ने बताया कि कैसे मोदी सरकार ने हिजाब और पगड़ी की अनुमति देने के लिए पुलिस की यूनिफार्म के नियमों को बदलने के आयरलैंड सरकार के फैसले का स्वागत किया था। उन्होंने सरकार के दोहरे मापदंड को भी बताया। उन्होंने कहा, “शिक्षकों को भेदभाव करने से रोकने के लिए यूनिफार्म क्या करती है? ओवैसी ने दावा किया कि इस फैसले ने एक धर्म को लक्षित किया है और बच्चों को शिक्षा और अल्लाह के आदेशों के बीच चयन करने के लिए मजबूर किया है। अनुच्छेद 15 धर्म के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाता है। क्या यह उसका उल्लंघन नहीं है? 

उमर अब्दुल्ला ने HC के फैसले को बताया 'निराशाजनक' 

इसके साथ ही कर्नाटक हाई कोर्ट के इस फैसले पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी निराशा जताई है। उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के स्कूलों में हिजाब पहनकर लड़कियों के प्रवेश पर प्रतिबंध को बरकरार रखने के फैसले को 'निराशाजनक' बताते हुए कहा कि "इस फैसले से बहुत निराश हूं। चाहे आप हिजाब के बारे में कुछ भी सोचते हों, यह कोई कपड़ा नहीं है, यह एक महिला के अधिकार के बारे में है कि वह कैसे कपड़े पहनना चाहती है।" उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा, "अदालत ने इस मूल अधिकार को बरकरार नहीं रखा है, यह हास्यास्पद है।"