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CM वाले बयान को लेकर पवार का फडणवीस पर किया कटाक्ष

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा, जैसा भाजपा नेता महसूस करते हैं ।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके पडणवीस कहा था कि वह अब भी महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री होने जैसा ही महसूस करते हैं ।

फडणवीस ने किया पलटवार

फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि कुछ नेता पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में उनकी उपलब्धियों से नाखुश हैं, जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया, पवार की तरह नहीं।

पवार ने मुंबई में पत्रकारों से कहा, ''अच्छा है कि भाजपा नेता अभी तक स्वयं को मुख्यमंत्री मानते हैं। मैं उन्हें बधाई देता हूं। पांच साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद भी फडणवीस को लगता है कि वह इस पद पर हैं। मेरे पास इस विशेषता की कमी रही। मैंने चार बार महाराष्ट्र के सीएम के रूप में काम किया, किंतु मुझे कभी ऐसा नहीं लगा।''

वह फडणवीस के नारे ‘मी पुन्ह आयीं’ (मैं पुन: आउंगा) का संदर्भ दे रहे थे। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले यह नारा बहुत लोकप्रिय हुआ था।

फडणवीस ने नवी मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि महाराष्ट्र के लोगों ने मुझे कभी यह महसूस नहीं कराया कि मैं मुख्यमंत्री नहीं हूं।

उन्होंने कहा, ''मुझे अब भी लगता है कि मैं मुख्यमंत्री हूं क्योंकि मैं पिछले दो साल से राज्य में घूम रहा हूं। लोगों का प्यार और स्नेह कम नहीं हुआ है।''

बुधवार को पवार पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ नेता बतौर उनकी उपलब्धियों से नाखुश हैं।

फडणवीस ने पणजी में कहा, ‘‘चार बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद पवार ने कभी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोगों ने नवी मुंबई में मेरा पूरा भाषण नहीं सुना, लेकिन उसपर प्रतिक्रिया देने आगे आ रहे हैं। वास्तविकता यह है कि पिछले 40 साल में मैं एकमात्र ऐसा मुख्यमंत्री हूं जिसने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। शरद पवार भी चार बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने लेकिन कभी कार्यकाल पूरा नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये नेता मेरी उपलब्धियों के कारण नाखुश हैं। मैं नेता प्रतिपक्ष के अपने मौजूदा पद से भी खुश हूं।’’

फडणवीस 2014 के चुनाव के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था।

साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक सीटें मिली थीं, लेकिन बहुमत से दूर होने के चलते वह सरकार नहीं बना पाई थी। इसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने गठबंधन सरकार बनाई थी और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने थे।