पटना : सितंबर 14, 2018: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना से करोड़ों लोगों की जिंदगी में अभूतपूर्व परिवर्तन आने की बात कहते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने इस योजना को हुनरमंद लोगों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा “ देश की जनता को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही मुद्रा योजना की लोकप्रियता में निरंतर इजाफा हो रहा है।

अप्रैल 2015 को शुरू हुई इस योजना के तहत तीन वर्षों में अब तक 13 करोड़ से अधिक लोगों को मुद्रा लोन दिया जा चुका है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 24 अगस्त, 2018 तक में मुद्रा योजना के तहत 75,954 करोड़ रुपए कर्ज की मंजूरी दी गई है जिसमें 70,765 करोड़ रुपए कर्ज बांटे जा चुके हैं। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2,46,437 करोड़ रुपए जबकि 2016-17 में 1,75,312 करोड़ और 2015-16 में 1,32,954 करोड़ रुपए मुद्रा योजना के तहत कर्ज बांटे गए हैं।

हकीकत में मुद्रा योजना की सफलता छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। इसका रोजगार-सृजन पर विविध और बेहद प्रभावपूर्ण असर पड़ा है. आज देश के हुनरमंद लोगों को इसका सीधा फायदा दिखाई दे रहा है, जिसका सबसे बड़ा सबूत इस योजना के लाभार्थियों की लगातार बढ़ रही संख्या है। यह सर्वविदित तथ्य है कि देश में सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित है, इसीलिए कोई भी सरकार सभी के लिए सरकारी नौकरियों की गारंटी नही ले सकती, लेकिन कौशल विकास तथा रोजगार के अवसर और धन उपलब्ध करवा करके सभी के विकास में योगदान सुनिश्चित कर सकती है। आज मुद्रा योजना के तहत सरकार यही करने का प्रयास कर रही है. इस योजना से आम जनता का हो रहा जुड़ाव स्वत: ही इस योजना की कामयाबी की कहानी कह रही है।”

श्री रंजन ने आगे कहा “ मुद्रा योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान प्रक्रिया है. इस योजना से पहले तक छोटे कारोबार शुरू करने के लिए लोगों को बैंक से कर्ज लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं. इसके अलावा कर्ज लेने के लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी, जिसके कारण कई लोग जो खुद का कारोबार शुरू करना चाहते वह बैंक से कर्ज लेने से कतराते थे। लेकिन अब मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी का कर्ज मिलता है तथा साथ ही कर्ज के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है. इसके अलावा इस योजना के शुरू होने से पहले ऊंची पहुंच वालों को तो लोन आसानी से मिल जाया करते थे, लेकिन छोटे कारोबारियों को साहूकारों के चक्कर लगाने पड़ते थे. साहूकारों का ब्याज देने के फ़ेर में उनकी पूरी जिंदगी ब्याज के कर्ज में डूब जाती थी। मुद्रा योजना से आज उन सबको साहूकारों के जाल से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ उनके सपनों को भी पूरा कर रही है।”