BREAKING NEWS

चीन को भारत की खरी खरी कहा- सीमा पर बने हालात से तय होगा रिश्तों का भविष्य◾महाराष्ट्र में कोरोना का प्रकोप जारी, 12 हजार से अधिक नए मामले की पुस्टि, 364 लोगों की मौत ◾देश में अशांति पैदा करने वालों को माकूल जवाब देंगे : राष्ट्रपति ◾स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्य सरकारों की तारीफ की◾कांग्रेस ने सुरजेवाला ने कहा- राजस्थान का ‘विश्वासमत’ प्रजातंत्र के लिए नई रोशनी लेकर आया है◾चीन से तनातनी के बीच बोले रक्षामंत्री - अगर दुश्मन हम पर हमला करता है तो मुंहतोड़ जवाब देंगे◾विधानसभा कार्यवाही के बाद बोले पायलट-पहले मैं सरकार का हिस्सा था, लेकिन अब नहीं◾गृहमंत्री अमित शाह ने कोरोना को दी मात, कोविड टेस्ट रिपोर्ट आई निगेटिव ◾गहलोत सरकार ने हासिल किया विश्वास मत, 21 अगस्त तक के लिए विधानसभा स्थगित◾राजस्थान विधानसभा में सरकार के बचाव में खड़े हुए सचिन पायलट, खुद को बताया सबसे मजबूत योद्धा◾कोर्ट की अवमानना मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण दोषी करार◾जम्मू-कश्मीर : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले श्रीनगर में आतंकवादी हमला, दो पुलिसकर्मी शहीद◾सुशांत मामले में बदले संजय राउत के सुर, कहा-अभिनेता के परिवार को मिले न्याय◾कोरोना वैक्सीन बनाने वाले देशों में से एक होगा भारत, सरकार को वितरण रणनीति बनाने की जरूरत : राहुल गांधी◾कोविड-19 : देश में पिछले 24 घंटे में 64 हजार 533 मामलों की पुष्टि, संक्रमितों का आंकड़ा 25 लाख के करीब◾दुनियाभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 2 करोड़ 7 लाख के पार, 7 लाख 52 हजार लोगों की मौत ◾LAC विवाद पर US ने दिया भारत का साथ, चीनी आक्रामकता की आलोचना करने वाला प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में पेश◾राजस्थान विधानसभा का सत्र आज से, BJP के अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ कांग्रेस लाएगी विश्वास प्रस्ताव◾स्वतंत्रता दिवस : कोरोना महामारी के बीच हर साल से अलग होगा समारोह, दिल्ली में की गई बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था ◾राजस्थान : विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा- सभी विधायकों ने भाजपा का षड्यंत्र विफल करने का लिया संकल्प ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

आरबीआई कर्मचारी सरकारी मुलाजिम नहीं : मद्रास उच्च न्यायालय

मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कर्मचारियों को उनकी नौकरी की स्थिति की पहचान करते समय 'सरकारी कर्मचारी' के रूप में संदर्भित नहीं किया जा सकता है। न्यायधीश के.के. शशिधरन और न्यायाधीश पी.डी. आदिकेसावुलु की पीठ ने कहा, 'यह तथ्य कि केंद्र सरकार का आरबीआई पर महत्वपूर्ण रूप से नियंत्रण है, इससे इसके कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं बन जाते।' पीठ ने कहा, 'यह सच है कि भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 के अर्थ के अंतर्गत एक स्टेट है। तब भी यह नहीं कहा जा सकता है कि इसके कर्मचारी सभी नियमित सरकारी कर्मचारी हैं।'

आरबीआई कर्मचारी ई. मनोज कुमार द्वारा तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) में अपना परिणाम घोषित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करने के बाद यह फैसला सामने आया है। कंबाइंड सिविल सर्विसेज-आई परीक्षा के लिए आवेदन पत्र में प्रश्नावली भरने के दौरान कुमार ने 2016 में एक गैर-सरकारी कर्मचारी के रूप में अपनी पहचान दर्शाई थी। आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ उसकी नौकरी के संबंध में आवेदन पत्र में सामग्री विशेष नहीं बताने के आधार पर उसका परिणाम रोक दिया।

 'क्या आप सरकारी कर्मचारी हैं?' टीएनपीएससी द्वारा प्रकाशित प्रश्नावली के प्रश्नों में से एक था। कुमार ने इसका जवाब 'नहीं' में दिया था। उन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली और उन्हें पुलिस उपाधीक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए चुना गया। हालांकि, उनकी नियुक्ति में बाधा आई और जब उन्होंने अदालत में अपील की तो मद्रास उच्च न्यायालय की एक एकल पीठ ने यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी कि आवेदन पर निर्देश बहुत स्पष्ट था।

उम्मीदवारों को दिए गए निर्देशों में न केवल सरकारी सेवा शामिल थी, बल्कि अन्य सेवाओं को घोषित करने का भी प्रावधान था। इसने कहा कि बैंक सेवा को लेकर जानकारी नहीं देना अयोग्यता सिद्ध करने करने वाली सूचनाओं को दबाने के बराबर है।

 डिवीजन बेंच ने हालांकि पाया कि आवेदन फॉर्म में एक अलग कॉलम नहीं है जो स्पष्ट रूप से उम्मीदवारों को उनके रोजगार की प्रकृति की घोषणा करने का संकेत देता है। कुमार की याचिका पर विचार करते हुए पीठ ने पाया कि आवेदन पत्र के कॉलम में केवल 'सरकारी सेवा' की जानकारी मांगी गई थी और ऐसे में बैंक कर्मचारी के लिए यह बता पाना संभव नहीं होगा कि वह एक सरकारी कर्मचारी है।

 पीठ ने उल्लेख किया कि कुमार ने परीक्षा के लिए आवेदन पत्र सही ढंग से भरा था। इसने कहा, 'प्रविष्टि अपीलकर्ता द्वारा सही ढंग से भरी गई थी। वह टीएनपीएससी द्वारा गलत प्रश्नावली तैयार करने के लिए जिम्मेदार नहीं है।' 26 मार्च को पारित एकल पीठ के आदेश को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय पीठ ने टीएनपीएससी को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर कुमार की नियुक्ति के संबंध में सरकार से कदम उठाने के लिए कहे।