देहरादून : उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा है कि राज्य के पर्यटन स्थलों और ट्रेकिंग मार्गों को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यटकों और पर्वतारोहियों को जागरूक किया जाना जरूरी है। एडवेंचर टूरिज्म की राज्य में बड़ी संभावनाएं हैं। इसके साथ-साथ लोगों को हिमालयी पारिस्थितिकी की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए भी जागरूक रहना होगा।
कैम्पिंग और ट्रेकिंग पर जाने वाले लोग गंदगी न फैलाए और अवशेष सामग्री को वापस ले आयें। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने यह विचार गुरूवार को राजभवन में उनसे मिलने आई पर्वतारोही बहनों ताशी और नुंग्शी से मुलाकात के दौरान व्यक्त किए।
बेटियां किसी भी चुनौती से पार पा सकती हैं
ताशी और नुंग्शी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्यपाल मौर्य ने कहा कि उनकी उपलब्धियां समाज में बेटियों को प्रेरणा देने वाली हैं। ताशी और नुंग्शी ने साबित कर दिया है कि बेटियां विश्व की किसी भी चुनौती से पार पा सकती है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ ताशी-नुंग्शी को स्वच्छता अभियान में भी योगदान देना चाहिए।
उज्जवल भविष्य की कामना की
विशेष रूप से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों एवं पर्वतारोहियों को जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए भी पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अच्छी संभावनाएं है। राज्यपाल ने ताशी-नुंग्शी के उज्जवल भविष्य की कामना की। एवरेस्ट विजेता नुंग्शी और ताशी बहनों ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में कई कीर्तिमान बनाए है। वे राज्य की एडवेंचर टूरिज्म की ब्राण्ड एम्बैसडर भी हैं। उन्हें तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।
पर्यटन को बढ़ावा देना शीर्ष प्राथमिकता
– सुनील तलवाड़


Download Android App
Download iOS App



