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RSS-भाजपा को सबरीमाला पर न्यायालय का फैसला मान लेना चाहिए : दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि राम मंदिर पर आये अदालत के फैसले की तरह आरएसएस-भाजपा को सबरीमाला मंदिर पर दिये गये उच्चतम न्यायालय के फैसले को मान लेना चाहिए।

उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दायर की गई सभी पुनर्विचार याचिकाओं को सात न्यायाधीशों वाली पीठ के पास भेजने का आदेश दिया। इस पर दिग्विजय ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमारी पार्टी की सदैव यह राय रही है कि अयोध्या के राम मंदिर जैसे मतभेदों को न्यायालय पर छोड़ देना चाहिए। मुझे खुशी है कि सबने राम मंदिर मामले में अदालत का फैसला मान लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे आरएसएस-भाजपा को सीख मिलनी चाहिए। जो अदालत का फैसला है, उसे मानना चाहिए।’’ दिग्विजय ने आगे बताया, ‘‘सबने राम मंदिर का फैसला मान लिया, तो सबरीमाला का भी मान लेना चाहिए।’’ उच्चतम न्यायालय ने आज के अपने फैसले में कहा कि धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध केवल सबरीमला तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य धर्मों में भी ऐसा है। इसके साथ ही न्यायालय ने सभी पुनर्विचार याचिकाओं को सात न्यायाधीशों वाली पीठ के पास भेज दिया।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 28 सितंबर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं को भगवान अयप्पा के मंदिर जाने और पूजा करने की अनुमति दी थी। न्यायालय के इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने फैसले पर अमल करने की कोशिश की, जिसके बाद राज्य में हिंसक प्रदर्शक हुए।

इससे पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस पर यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए दिग्विजय ने आरोप लगाया कि आज देश के स्वतंत्रता सेनानियों की छवि को बदनाम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत का इतिहास बदला जा रहा है और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की छवि को बदनाम किया जा रहा है।’’ दिग्विजय ने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि वे देश के इतिहास एवं स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बच्चों को बताएं और इसके खिलाफ लड़ें।