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विपक्षी नेता सतीशन ने सुधीरन के त्यागपत्र को लेकर कहा- उन्हें फैसले से डिगाना आसान नहीं, पार्टी का भी है दोष

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने रविवार को कहा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई के राजनीतिक मामलों की समिति से इस्तीफा देने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता वी एम सुधीरन को त्यागपत्र वापस लेने के लिए मनाने के प्रयास संभवत: सफल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें अपने फैसले से विचलित करना मुश्किल है। सतीशन ने स्वीकार किया कि राज्य में शीर्ष नेतृत्व की भी गलतियां रही हैं।

सतीशन ने सुधीरन के आवास पर उनसे मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि उनका नेता से मुलाकात करने का कारण उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाना नहीं था और वह केवल पार्टी संबंधी विभिन्न मामलों पर चर्चा करने के लिए उनके पास गए थे। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि सुधीरन एक बार जो फैसला कर लेते हैं, उन्हें उससे विचलित करना लगभग असंभव होता है और 10 सतीशन भी मिलकर इसमें कोई मदद नहीं कर सकते।

विपक्ष के नेता ने कहा कि सुधीरन से बातचीत करने के बाद उन्हें यह लगता है कि पार्टी में शीर्ष नेतृत्व की गलती है, जिसमें ‘‘मैं भी शामिल’’ हूं। सतीशन ने कहा कि उन्होंने सुधीरन के समक्ष अपनी गलती स्वीकार की। सुधीरन ने अपने आवास के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उनके पास उनसे कहने के लिए कोई बात नहीं है। इससे पहले केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के. सुधाकरण ने कहा कि सुधीरन की शिकायतें सुनी जाएंगी, उनकी समीक्षा की जाएगी और समाधान खोजा जाएगा।

सुधाकरण ने मीडियाकर्मियों से कहा कि जब सुधीरन से उनकी शिकायतों पर बात करने के लिए मुलाकात की जाएगी, तो उनसे इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया जाएगा। इस बीच, केरल और लक्षद्वीप के लिए एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) के महासचिव तारिक अनवर ने संवाददाताओं से कहा कि वह अब दक्षिणी राज्य में हैं और यह पता लगाने के लिए यहां सभी से बात करेंगे कि सुधीरन के इस फैसले का कारण क्या हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि पार्टी के सूत्रों ने शनिवार को बताया था कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल पर चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता और केपीसीसी के पूर्व प्रमुख सुधीरन ने पार्टी की प्रदेश इकाई के राजनीतिक मामलों की समिति से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने दावा किया था कि फेरबदल प्रक्रियाओं और केपीसीसी के नए प्रमुख सुधाकरन के तहत वर्तमान नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर नाखुशी उनके अचानक लिये गए फैसले के पीछे की वजह हो सकती है। सूत्रों ने बताया था कि सुधीरन ने राज्य के नेतृत्व को शुक्रवार को त्यागपत्र भेज दिया था। साफ-सुथरी छवि वाले सुधीरन के विभिन्न मुद्दों पर अडिग रुख के चलते उनके और पार्टी में कई साथियों के बीच मतभेद पैदा हुए। 

सुधीरन के इस्तीफे की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और विधायक पी टी थॉमस ने कहा कि केपीसीसी प्रमुख इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे और वरिष्ठ नेता की गलतफहमी को दूर करेंगे। थॉमस ने कहा कि राज्य इकाई में नेतृत्व में फेरबदल के संबंध में कोई बड़ी चर्चा या विचार-विमर्श अभी शुरू नहीं हुआ है। हाल में केपीसीसी के पूर्व महासचिव के पी अनिल कुमार और इसके सचिव पी एस प्रशांत ने जिला कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्षों के चुनाव को लेकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।