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तमिलनाडु में कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए कक्षा 9 से 12 के लिए खुले स्कूल

तमिलनाडु में बुधवार को सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ कक्षा 9 से 12 के लिए स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है। वहीं, राज्य में कॉलेज परिसर में भी कक्षाएं शुरू हो गईं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, तमिलनाडु सरकार ने 20 मार्च को घोषणा की थी कि 22 मार्च से अगले आदेश तक नौंवी, 10वीं और 11वीं की कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, जबकि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल खुले रहेंगे क्योंकि उनकी बोर्ड की परीक्षाएं होनी है।

अधिकारियों ने बताया कि पांच महीने बाद बुधवार को छात्र स्कूल और कॉलेज गए। इस दौरान सभी संस्थानों के प्रवेश द्वार पर ‘थर्मल स्क्रीनिंग’ की व्यवस्था की गई जबकि मास्क पहनना अनिवार्य था। सरकार ने पहले ही आज यानी बुधवार से स्कूल खोले जाने की घोषणा की थी। पिछले सप्ताह इस संबंध में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की भी घोषणा की गई थी।

राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों में लागू किए जा रहे एसओपी के अनुसार, एक बार में 50 प्रतिशत छात्र ही परिसर में मौजूद हों। सरकार ने स्कूलों को सप्ताह में छह दिन ही खोलने और कक्षाओं में प्रति कक्षा 20 से अधिक छात्र ना होने का नियम भी अनिवार्य बनाया है। 

ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी, जो शिक्षण का एक वैकल्पिक तरीका बना रहेगा और छात्रों को यदि वे चाहें तो ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा लेने की अनुमति दी जा सकती है। माता-पिता की सहमति से घर से अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों को भी ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है। इसी तरह, कॉलेज ने भी बुधवार से छात्रों के लिए ‘वैकल्पिक’ आधार पर शारीरिक कक्षाएं शुरू की गईं।

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने कहा कि स्कूल दोपहर 3.30 बजे तक काम कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार दोपहर 3.30 बजे तक कक्षाओं के संचालन को सख्त नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 95 प्रतिशत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को टीके की कम से कम एक खुराक मिली है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्कूलों को सख्त मानक कोविड प्रोटोकॉल बनाए रखने का निर्देश दिया गया है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी प्रत्येक स्कूल की निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि व्यवस्थाओं में कोई चूक न हो।

स्कूल भी छात्रों और शिक्षकों की भावनात्मक जरूरतों का समर्थन करेंगे। सरकार ने सभी शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में जरूरत पड़ने पर मानसिक सलाहकारों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। दो साल के अंतराल के बाद, माता-पिता, छात्र और शिक्षक उम्मीद कर रहे हैं कि कक्षाएं बिना किसी बाधा के संचालित की जाएंगी और गिरते कोविड-19 के ताजा मामलों और टीकाकरण अभियान में वृद्धि के साथ, राज्य कक्षाएं जारी रखने की उम्मीद कर रहा है।