महाराष्ट्र में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के गठबंधन वाली पहली सरकार बनती दिख रही है। महाराष्ट्र में पहली बार ऐसा प्रयोग हो रहा है जब अलग अलग विचारधारा के ये दल सरकार बना रहे हैं जिसका नेतृत्व शिवसेना करेगी। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच मंत्रियों को लेकर 14-14-12 का फॉर्मूला भी तय हो गया है। साथ ही यह भी तय हो गया है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। वहीं बीजेपी के नेता ने शुक्रवार को बयान दिया था कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी सरकार बनाएगी। इस बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के दौरान बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि महाराष्ट्र में नए समीकरण से कई लोगों के पेट में दर्द हो रहा है।
छह महीने सरकार न टिकने का श्राप दिए जा रहे हैं। यह सब कुछ अपनी कमजोरी छुपाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। वही आगे ‘सामना’ में लिखा गया है कि बीजेपी किस मुंह से कह रही है कि राज्य में सरकार बनाएगी। भाजपा खुद को महाराष्ट्र का मालिक समझने की मानसिकता से बाहर आएं।
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उन्होंने कहा कि सत्ता या सीएम पद के साथ कोई जन्म नहीं होता है। महाराष्ट्र में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के गठबंधन वाली पहली सरकार बनती दिख रही है जहां राकांपा नेता शरद पवार ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि तीन दलों की सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और विकासोन्मुखी शासन देगी।
राकांपा ने यह भी कहा कि गठबंधन की अगुवाई शिवसेना करेगी। मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के साथ शिवसेना की सहमति नहीं बन पाई थी। कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करेगा, लेकिन तीनों दलों का कहना है कि यह बैठक वर्षा प्रभावित किसानों के लिए तत्काल सहायता मांगने के लिए है, ना कि सरकार गठन को लेकर।


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