BREAKING NEWS

चीन ने पहली बार माना, खुलासे में बताया गलवान झड़प में मारे गए थे PLA के जवान◾मंत्रियों एवं सांसदों के वेतन, भत्ते में कटौती संबंधी विधेयकों को राज्यसभा ने मंजूरी दी ◾पीएम मोदी ने कोसी रेल महासेतु राष्ट्र को किया समर्पित, MSP को लेकर विपक्ष पर लगाया झूठ बोलने का आरोप◾राज्यसभा में कांग्रेस का वार - बिना सोचे समझे लागू किया लॉकडाउन, 'कोरोना की जगह रोजगार समाप्त'◾विरोध के बाद बैकफुट पर आई योगी सरकार, गाजियाबाद में नहीं बनेगा डिटेंशन सेंटर◾चीन सीमा गतिरोध : LAC विवाद पर आज होगी सरकार की बड़ी बैठक, सेना के अधिकारी भी होंगे शामिल◾मोदी सरकार के कृषि बिल के विरोध में पंजाब के किसान ने खाया जहर, हालत गंभीर◾ड्रग्स केस : NCB की हिरासत में आया ड्रग तस्कर राहिल, अन्य पैडलरों से हैं संबंध◾कोविड-19 : देश में पॉजिटिव मामलों की संख्या 52 लाख के पार, 10 लाख से अधिक एक्टिव केस◾कोरोना वॉरियर्स के डाटा को लेकर राहुल का वार- थाली बजाने, दिया जलाने से ज्यादा जरूरी हैं उनकी सुरक्षा◾दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3 करोड़ के पार, अब तक साढ़े 9 लाख के करीब लोगों की मौत◾राष्ट्रपति ने हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा किया स्वीकार, इन्हें सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार ◾महाराष्ट्र में कोरोना का विस्फोट जारी, संक्रमितों का आंकड़ा 11 लाख के पार, बीते 24 घंटे में 24,619 नए केस◾विपक्ष के भारी विरोध के बीच,लोकसभा में कृषि से जुड़े 2 अहम बिल हुए पास, वोटिंग से पहले विपक्ष ने किया वॉकआउट ◾J&K में पुलवामा जैसा हमला टला, J&K हाईवे के पास 52 किलो विस्फोट बरामद ◾राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर बरकरार, बीते 24 घंटे में 4,432 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 2.34 लाख के पार ◾यूपी में कोरोना का कहर जारी, बीते 24 घंटे में 6,318 नए केस, 81 की मौत ◾कृषि अध्यादेश के विरोध में हरसिमरत कौर ने मोदी सरकार से दिया इस्तीफा, कहा- किसानों संग खड़े होने पर गर्व◾RJD विधायक का विवादित बयान, सुशांत सिंह के राजपूत होने पर उठाए सवाल, भाजपा नाराज◾भारत की चीन को दो टूक : पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने पर काम करना चाहिए ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

शिवसेना ने सरकार को 'चुनावी फायदे के लिए युद्ध' संबंधी बयानबाजी को लेकर किया आगाह

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सीटों के बंटवारे पर सहमति बनने के एक दिन बाद शिवसेना ने राजग सरकार से मंगलवार को कहा कि वह ऐसा व्यवहार न करे जिससे ऐसे आरोपों को बल मिले कि वह चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए युद्ध छेड़ने का प्रयास कर रही है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा कि \"राजनीतिक फायदे\" के लिए दंगों और आतंकवादी हमलों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने आगाह किया कि ऐसी घटनाओं पर कश्मीर के छात्रों को निशाना बनाए जाने से सरकार के लिए ज्यादा परेशानी खड़ी हो सकती है।

यह टिप्पणी आगामी लोकसभा और महाराष्ट्र विधानभा चुनाव के लिए भाजपा तथा शिवसेना के बीच सीट बंटवारे की व्यवस्था की घोषणा के बाद आई है। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, \"कुछ समय पहले ऐसे राजनीतिक आरोप लगे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव जीतने के लिए छोटे स्तर का युद्ध छेड़ सकते हैं...शासकों को इस तरह से व्यवहार नहीं करना चाहिए कि इन आरोपों को बल मिले।\"

\"bjp\"

शिवसेना और भाजपा के बीच सीटों का निकला फॉर्मूला

पार्टी ने सरकार को आगाह किया कि देश विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी छात्रों पर हालिया हमलों की घटनाएं ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकती हैं। इसने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की याद दिलाई और कहा कि कांग्रेस को आज तक उसके लिए \"भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।\"

शिवसेना ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद और भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विवादित टिप्पणियां करने वाले कुछ सांसदों- विधायकों पर भी निशाना साधा। यह उल्लेख करते हुए कि पुलवामा हमले के बावजूद पाकिस्तान से बातचीत की हिमायत करने पर कांग्रेस के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को टीवी कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया, पार्टी ने कहा कि उन पर दबाव बनाया गया और उनके खिलाफ अभियान चलाया गया।

इसने रेखांकित किया कि दूसरी तरफ भाजपा विधायक नेपाल सिंह की टिप्पणी को नजरअंदाज कर दिया गया और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा था कि सेना के जवान हैं तो \"मरेंगे ही\"। पुलवामा हमले पर सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी ने कहा, \"हमारे खुफिया अधिकारी प्रधानमंत्री की जान को खतरा बताने वाले कथित ई-मेल का पता लगा सकते हैं, लेकिन काफिले पर आतंकवादी हमला रोकने में कामयाब नहीं होते।\"

पार्टी ने कहा कि 2014 से पहले मोदी एवं आरएसएस देश में प्रत्येक आतंकवादी हमले के लिए मनमोहन सिंह नीत संप्रग सरकार को जिम्मेदार ठहराते थे। शिवसेना ने कहा, \"तो यह समझना होगा कि अगर कोई मौजूदा प्रधानमंत्री से देश से आतंकवाद को उखाड़ फेंकने की उम्मीद करता है तो वह सही है।\"