मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। भाकपा ने राज्य में चार संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविंद श्रीवास्तव और सचिव मंडल सदस्य शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा है कि बीजेपी द्वारा भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाने से बीजेपी के मूल फासिस्ट चरित्र का पर्दाफाश हुआ है।

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रज्ञा ठाकुर पर मालेगांव बम विस्फोट और सुनील जोशी हत्याकांड जैसी गंभीर वारदातों में प्रकरण दर्ज हैं। वह नौ साल जेल में भी रही हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। साम्प्रदायिक, कट्टरपंथी प्रज्ञा ठाकुर का संसद में चुनकर जाना संसदीय गरिमा और भारत के संवैधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है।

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इसलिए भाकपा ने कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को समर्थन देने की घोषणा की है।’ भाकपा ने राज्य के चार संसदीय क्षेत्रों शहडोल, खरगोन, बालाघाट और सीधी से भाकपा प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, भोपाल संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी को मैदान में न उतारने का फैसला लिया है। भोपाल में 12 मई को मतदान होने वाला है।