उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा के तीन रिक्त स्थानों पर उपचुनाव कराने के लिये द्रमुक की याचिका पर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा। न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की एक पीठ ने निर्वाचन आयोग को दो सप्ताह के भीतर इस याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

द्रमुक ने इस याचिका में तिरूपारनकुंद्रम, ओत्तापिदरम और अरावकुरिचि विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नहीं कराने के आयोग के कदम पर सवाल उठाए हैं।

द्रमुक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ के समक्ष तर्क दिया कि यह ‘विचित्र’ बात है क्योंकि आयोग राज्य की रिक्त 21 विधानसभा सीटों में से 18 पर उपचुनाव करा रहा है। लोकसभा चुनाव के साथ ही इन सीटों पर भी 18 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यब्रत साहू ने 10 मार्च को कहा था कि इन तीन सीटों के लिये उपचुनाव का कार्यक्रम नहीं है क्योंकि इनके बारे में मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका लंबित है।