BREAKING NEWS

मन की बात में बोले मोदी -मेरे लिए प्रधानमंत्री पद सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए है ◾केजरीवाल ने PM मोदी को लिखा पत्र, कोरोना के नए स्वरूप से प्रभावित देशों से उड़ानों पर रोक लगाने का किया आग्रह◾शीतकालीन सत्र को लेकर मायावती की केंद्र को नसीहत- सदन को विश्वास में लेकर काम करे सरकार तो बेहतर होगा ◾संजय सिंह ने सरकार पर लगाया बोलने नहीं देने का आरोप, सर्वदलीय बैठक से किया वॉकआउट◾TMC के दावे खोखले, चुनाव परिणामों ने बता दिया कि त्रिपुरा के लोगों को BJP पर भरोसा है: दिलीप घोष◾'मन की बात' में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स के महत्व पर दिया जोर, कहा- भारत की विकास गाथा के लिए है 'टर्निग पॉइंट' ◾शीतकालीन सत्र से पूर्व विपक्ष में आई दरार, कल होने वाली कांग्रेस नेता खड़गे की बैठक से TMC ने बनाई दूरियां ◾उद्धव ठाकरे की सरकार के दो साल के कार्यकाल में विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन रहा : संजय राउत◾कांग्रेस Vs कांग्रेस : अधीर रंजन चौधरी के वार पर मनीष तिवारी का पलटवार◾कल से शुरू हो रहा है संसद का शीतकालीन सत्र, पेश होंगे ये 30 विधेयक◾BJP प्रवक्ता ने फूलन देवी को कहा 'डकैत', अखिलेश ने बताया 'निषाद समाज' का अपमान ◾तमिलनाडु बारिश : चेन्नई के कई इलाकों में जलभराव, IMD ने तटीय जिलों के लिए जारी किया रेड अलर्ट ◾गौतम गंभीर की जान को खतरा, ISIS कश्मीर ने तीसरी बार दी धमकी, कहा- कुछ नहीं कर सकती IPS श्वेता ◾महाराष्ट्र सरकार के 2 साल हुए पूरे, सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा- एमवीए सरकार ने आपदा को अवसर में बदला◾वाट्सऐप पर पेपर लीक के चलते रद्द हुआ UPTET एग्जाम, STF की टीम ने शुरू की धर-पकड़ ◾देश में कोविड-19 के 8 हजार से अधिक नए केस की पुष्टि, इतने मरीजों की हुई मौत ◾World Corona: विश्व में 26.10 करोड़ के पार पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा, जानें कितने लोगों ने गंवाई जान ◾कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन का जल्द पता लगाने की मिल रही 'सजा', दक्षिण अफ्रीका पर लग रहे यात्रा प्रतिबंध ◾ UP : प्रयागराज हत्या मामले को लेकर AAP आज करेगी विरोध प्रदर्शन, संजय सिंह ने राष्ट्रपति से चर्चा के लिए मांगा समय ◾पश्चिम बंगाल में बड़ा हादसा, सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार मेटाडोर, 18 की मौत◾

न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए : बॉम्बे HC

बम्बई हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई तथा ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए।

अदालत ने पूछा कि 2016 के एक कथित जमीन हड़पने के मामले में राकांपा नेता एकनाथ खडसे को कुछ दिनों के लिए अगर सख्त कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दे दिया जाता है, तो क्या आसमान गिर जाएगा? न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिटाले की खंडपीठ खडसे द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पिछले साल अक्टूबर में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

खडसे के वकील आबाद पोंडा ने अदालत से याचिका की सुनवाई लंबित होने तक राज्य के पूर्व राजस्व मंत्री को किसी भी सख्त कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया। ईडी के वकील अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि एजेंसी सोमवार (25 जनवरी) तक कोई कार्रवाई नहीं करेगी।

पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि ईडी केवल सोमवार तक संरक्षण प्रदान करने पर जोर क्यों दे रहा है। पीठ अब मामले की अगली सुनवाई सोमवार को करेगी। न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा, अगर याचिकाकर्ता को कुछ और दिनों के लिए संरक्षण दिया जाता है, तो कौन सा आसमान गिरने वाला हैं? हम हमेशा से मानते हैं कि न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए।

अदालत ने कहा, अगर ये एजेंसियां ​​स्वतंत्र रूप से काम नहीं करती हैं तो लोकतंत्र के लिए खतरा है। गौरतलब है कि पिछले साल भाजपा छोड़कर राकांपा में शामिल होने वाले खडसे (68) कथित जमीन हड़पने के मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए इस साल 15 जनवरी को मुंबई में ईडी के सामने पेश हुए थे।

ईडी ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। पीठ ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग कर रहा है और पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष भी उपस्थित हुआ है। अदालत ने कहा, अगर कोई व्यक्ति जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है तो हम पूछते हैं कि ऐसे में गिरफ्तारी की क्या जरूरत है? ईडी ने आरोप लगाया कि खडसे ने 2016 में राज्य के राजस्व मंत्री के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह मामले में धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।