इडुक्‍की: केरल में पिछले 50 वर्षों में सबसे भयानक बाढ़ के बीच एक डूबते पुल से बच्‍चे को छाती से चिपकाकर दूसरी तरफ भागकर उसको बचाने की एक एनडीआरएफ (NDRF) कांस्‍टेबल की तस्‍वीर एक ओर जहां पूरे राज्‍य में व्‍याप्‍त बाढ़ की विभीषिका को पेश करती है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस कांस्‍टेबल की चर्चा हीरो की तरह हो रही है। एनडीआरएफ में कांस्‍टेबल कन्‍हैया कुमार बिहार के रहने वाले हैं। ये घटना पिछले शुक्रवार की है, जब इडुक्‍की जलाशय के सभी पांचों गेट खोल दिए गए। इसके चलते अचानक नदी में पानी तेजी से बढ़ने लगा।

 

उस दौरान उन्‍होंने देखा कि एक पुल के दूसरी तरफ एक पिता अपने बच्‍चे के साथ खड़ा है लेकिन पानी के बढ़ते बहाव के कारण दहशत की वजह से पुल पार करने से कतरा रहा है। मौके की नजाकत को भांपते हुए कन्‍हैया कुमार ने एक भी क्षण गंवाए बिना तेजी से पुल के दूसरी तरफ पिता-पुत्र के पास पहुंचे। एक ही झटके में बच्‍चे को छीनकर गोद में लिया और पिता से पीछे-पीछे दौड़कर आने को कहा। उसके बाद समय रहते वे लोग सुर‍क्षित जगह पहुंच गए। इसके चंद मिनटों बाद पुल पानी में डूब गया।

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सोशल मीडिया पर इस तस्‍वीर के वायरल होने के साथ ही केरल में उनको हीरो की तरह सम्‍मान दिया जा रहा है। कन्‍हैया कुमार को अपने काम का छह वर्षों का अनुभव है। वह डीप डाइविंग में एक्‍सपर्ट हैं और तमिलनाडु के एराक्‍कोनम में स्थित एनडीआरएफ की चौथी बटालियन का हिस्‍सा हैं। इससे पहले वह आपदा राहत कार्यों से जुड़े कई खतरनाक मिशन का हिस्‍सा रहे हैं।