बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा ग्रामीण थाना क्षेत्र के चिखली गांव में एक जल संरचना में मृत पाए गए पांच बच्चों की मृत्यु डूबने के कारण होना बतायी जा रही है, लेकिन इससे जुड़े अनेक सवाल अभी भी अनसुलझे नजर आ रहे हैं। सेंधवा के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राकेश व्यास ने बताया कि आज शाम प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पांचों बच्चों की मृत्यु पानी में डूबने के चलते हुई है। हालांकि विधिविज्ञान विशेषज्ञों की टीम के मुताबिक इनकी मृत्यु 36 से 40 घंटे पूर्व हो चुकी थी।

बच्चों के पिता और एक महिला की तलाश की जा रही है। दोनों देर शाम तक नहीं मिल पाए। उन्होंने बताया कि मृतक बच्चों की शिनाख्त 7 वर्षीय संदीप, 3 वर्षीय प्रदीप, 2 वर्षीय सहादर,1 वर्षीय रणदीप तथा 3 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है। सेंधवा ग्रामीण थाना के नगर निरीक्षक दिनेश सिंह चौहान ने प्रारंभिक विवेचना के आधार पर संभावना व्यक्त की कि किसी घरेलू विवाद के चलते यह घटनाक्रम घटित हुआ है। आज सुबह चिखली में रूमालिया के खेत के अंदर निर्मित एक कुएं (बड़ 12 फीट के गड्ढे में) इन 5 बच्चों की लाश तैरती हुई पाए जाने पर पुलिस को सूचना दी गई थी।

विवेचना में पाया गया कि ये बच्चे भतर सिंह नाम के व्यक्ति के हैं, जिसकी सुंगी बाई और अनिता नामक दो पत्नियां हैं। रोहित (3 वर्ष) अनिता का पुत्र था, जबकि शेष बच्चे सुंगी बाई से थे। व्यास ने बताया कि 7 अक्टूबर को सुंगी बाई अपने मायके झिरी जामली से बच्चों को चिखली छोड़ गई थी जबकि रोहित को भतर सिंह दूसरी पत्नी अनिता के मायके धावड़ से लेकर आया था। आठ अक्टूबर की सुबह भतर सिंह पांचों बच्चों को लेकर किसी स्थान पर चले गया था। उसके बाद से उसका पता नहीं चला।

आज सुबह उसकी दोनों पत्नियां भी नहीं मिल रही थी, किंतु दोपहर तक दूसरी पत्नी अनिता उसके मायके धावड़ में मिल गई। क्षेत्रीय विधायक तथा कैबिनेट मंत्री अंतर सिंह आर्य ने घटनास्थल का दौरा कर आश्वस्त किया कि शीघ, ही दुर्भाज्ञपूर्ण घटना के दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

निमाड़ क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ए के पांडे ने भी बड़वानी के पुलिस अधीक्षक विजय खत्री के साथ घटनास्थल का दौरा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। खत्री ने बताया कि फिलहाल पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है और भतर सिंह और उसकी पहली पत्नी की तलाश में दल भेजे गए हैं। बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर रिश्तेदारों को सौंप दिया गया तथा आज शाम गमगीन माहौल में चिखली में बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।