हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए अर्जुन सिंह ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा को उकसाने और उनके समर्थकों को आतंकित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके नए अवतार के बावजूद पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता बैरकपुर निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें ही वोट देंगे। सिंह ने कहा, “शनिवार की सुबह से मेरे विधानसभा क्षेत्र में अशांति का माहौल है। मेरे समर्थकों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है। लोग मतदान के दिन इस एफआईआर सरकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे।”

उन्होंने कहा, “यहां तक कि तृणमूल कार्यकर्ता भी मुझे वोट देंगे।” भाटपापरा निर्वाचन क्षेत्र के दबंग नेता और चार बार के विधायक ने कहा कि यदि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है, तो ये (तृणमूल) नेता बैरकपुर से अपने उम्मीदवार (दिनेश त्रिवेदी) की जमानत भी नहीं बचा सकेंगे। जब तृणमूल ने सिंह को बैरकपुर सीट से उम्मीदवार बनाने से मना कर दिया तो 14 मार्च को वह भाजपा में शामिल हो गए।

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तृणमूल कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह भाजपा में शामिल

मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए अर्जुन सिंह ने कहा, “अगर मैंने (बनर्जी ने) इतना विकास कार्य किया है, तो पंचायत चुनावों के दौरान सभी बूथों को लूटने की क्या जरूरत थी? उन्होंने कहा, “पंचायत चुनावों के दौरान किसी को भी अपना वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई थी। हम मतदाताओं को डराने के लिए तब निर्देश के अधीन थे। हमें आश्वासन दिया गया था कि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी।”

उनके आरोपों को नकारते हुए तृणमूल ने कहा कि यह अर्जुन सिंह ही थे जो तृणमूल पार्षदों को आतंकित करने की कोशिश कर रहे थे। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री और उत्तर 24 परगना जिले के तृणमूल कांग्रेस के नेता ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा, “अर्जुन के प्रति निष्ठा रखने वाले पार्षदों ने कहा है कि वे ममता बनर्जी के साथ हैं। उनका कहना है कि अर्जुन उन्हें आतंकित करने की कोशिश कर रहे हैं।”