BREAKING NEWS

यूपी के गाजीपुर में हैवानियत! प्रेमी जोड़े को गांव के प्रधान ने दी क्रूर सजा, जमकर की पिटाई , फिर चटवाया धूक◾पाकिस्तान से निकले तालिबान ने कर दी, 17 पाकिस्तानी सैनिकों का सिर कलम ◾हिमाचल विश्वविद्यालय में मचा बवाल, लेफ्ट-राइट फिर आमने-सामने, पुलिस ने डाला डेरा ◾केजरीवाल ने MCD में फेरी झाड़ू, CM बोले- दिल्ली को बदलने के लिए PM मोदी के आशीर्वाद की जरूरत ◾Bihar News: एक मुस्लिम और दूसरा हिन्दू बेटा, मां के अंतिम संस्कार को लेकर भाई के बीच हुआ विवाद ◾खुद को पैगम्बर बताने वाले बेटमैन की 20 नाबालिग पत्नियां, बेटी के साथ भी की शादी◾पंजाब: पॉपुलर गायक बब्बू मान से मानसा में पूछताछ हो रही, मारने की मिली थी धमकी, जानें पूरा मामला ◾MCD Election Result: क्या गुजरात-हिमाचल में भी पलटेगी बाजी? दिल्ली में Exit Polls क्यों हुए फेल◾MCD Results: दिल्ली में बड़ा चेहरा न होने से फंसी भाजपा, केजरीवाल के इलाके में किसने मारी बाजी, यहां देखे ◾Kanpur News: BJP नेता को घसीटकर MCD के दफ्तर से बाहर फेंका, जानें पूरा मामला◾राजधानी में 'मेयर' भी केजरीवाल का! जश्न में जुटी 'AAP' पार्टी ने दी BJP को चुनौती- अब बनाकर दिखाओ◾लगेगा ट्रैफिक जाम की समस्या पर लगाम, दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर बनेगी 6 लेन वाली टनल, जानें इसके फायदे ◾MCD ELECTION 2022 : आप ने दर्ज की जीत, भाजपा प्रवक्ता ने CM केजरीवाल के दावे को याद दिलाया ◾Delhi MCD Results: राजधानी में नही चला 'मोदी मंत्र', केजरीवाल की 'झाड़ू' ने 'कमल' को किया साफ◾केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का विवादित बयान, कहा-‘नीतीश कुमार नपुंसकता के शिकार हो गए हैं…’◾ कांग्रेस ने 'BSP' बन किया खेल खराब, पहले से ज्यादा वोट पाकर भी AAP से क्यों पिछड़ी BJP◾MCD में भाजपा शासन का अंत, AAP ने लहराया परचम, CM केजरीवाल का रिएक्शन- अब नए युग की शुरूआत◾ दोस्तों ने युवती को उठाकर तीसरी मंज़िल से नीचे फेंका, PRANK VIDEO VIRAL◾इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान का ट्वीट- दिल गलती कर बैठा है... अब बोल तुम्‍हारा क्‍या होगा?◾क्या सत्येंद्र जैन की वजह से AAP को हुआ नुकसान? शकूर बस्ती के सभी वार्डों पर भाजपा का जलवा, दर्ज की जीत ◾

उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा, उत्तरी मुंबई सीट से लड़ा था लोकसभा चुनाव

कांग्रेस में शामिल होने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर के पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने उत्तरी मुंबई सीट से लोकसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार चुना था। हालांकि चुनाव में उन्हें करारी कार का सामना करना पड़ा था। करीब छह माह पहले कांग्रेस में शामिल हुई उर्मिला ने ‘पार्टी के भीतर की तुच्छ राजनीति’ को कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। 

उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उत्तर मुंबई सीट से चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उनकी हार हुई। वह इस साल मार्च में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। मातोंडकर का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ी शर्मिंदगी की तरह है, क्योंकि पार्टी को अगले महीने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का सामना करना है और वह इस समय अपने नेताओं को एकजुट रखने के लिए जूझ रही है। 

UNHRC को कश्मीर की स्थिति पर उदासीन नहीं रहना चाहिए : पाकिस्तान

मातोंडकर ने अपने बयान में कहा कि मुंबई कांग्रेस के मुख्य पदाधिकारी पार्टी को मजबूत बनाना चाहते नहीं हैं अथवा वे ऐसा करने में अक्षम हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। मेरी राजनीतिक और सामाजिक संवेदनाएं निहित स्वार्थों (वाले व्यक्तियों) को इस बात की इजाजत नहीं देती कि मुंबई कांग्रेस में किसी बड़े लक्ष्य पर काम करने के बजाय मेरा इस्तेमाल ऐसे माध्यम के रूप में किया जाए जिससे अंदरूनी गुटबाजी का सामना किया जा सके।’’

मातोंडकर ने कहा कि उनके मन में पहली बार इस्तीफा देने की बात तब आई जब मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को 16 मई के लिखे पत्र में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 'कोई कार्रवाई' नहीं की गई। अपने पत्र में उन्होंने मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम के करीबी सहयोगियों संदेश कोंदविल्कर और भूषण पाटिल के कृत्यों की आलोचना की थी। 

उन्होंने कहा, ‘‘उक्त पत्र में विशेषाधिकार प्राप्त और गोपनीय बातें थीं, जिसे आसानी से मीडिया में लीक कर दिया गया, जो मेरे अनुसार घोर विश्वासघात था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कहने की जरूरत नहीं है कि मेरे द्वारा लगातार विरोध के बावजूद पार्टी में किसी भी व्यक्ति ने माफी नहीं मांगी या मेरे प्रति कोई सरोकार नहीं दिखाया।’’ 

मातोंडकर ने दावा किया कि उत्तरी मुंबई में कांग्रेस के ‘‘घटिया प्रदर्शन’’ के लिए कुछ जिम्मेदार लोगों के नाम उन्होंने अपने पत्र में लिखे, लेकिन उनकी जवाबदेही तय करने की जगह उन्हें नए पदों के रूप पुरस्कार दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वाभाविक है कि मुंबई कांग्रेस के मुख्य पदाधिकारी या तो अक्षम हैं अथवा बदलाव लाने और पार्टी की भलाई संगठन में परिवर्तन लाने के लिए संकल्पबद्ध नहीं हैं।’’ 

मातोंडकर के बयान में उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि वह ‘‘विचारों एवं विचारधाराओं’’ के पक्ष में खड़ी हुई हैं तथा वह लोगों के लिए ‘‘ईमानदारी एवं गरिमा ’’ के साथ काम करती रहेंगी।