क्या आप जानते है ‘पुलिस’ की वर्दी का रंग ‘खाकी’ क्यों होता है ?


प्रत्येक देश में एक कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस बल बनाया जाता है। दुनिया में हर देश की अपनी पुलिस बल है और प्रत्येक देश के पास पुलिस के लिए अलग-अलग रंगों के अपने कपड़े हैं। जिसे हम वर्दी कहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पुलिस वर्दी की वर्दी क्यों खाकी वर्दी कहती है? और क्यों उसका रंग खाकी है? यदि नहीं, हम आपको बताते है इसके पीछे कारण क्या है।

आपको बता दें हर सुरक्षा बल की वर्दी के पीछे ख़ास महत्व होता है। पुलिस की वर्दी को ‘खाकी’ भी कहा जाता है और खाकी का हिंदी में अर्थ होता है ‘मिटटी’, ये खाकी रंग की वर्दी हमेशा उसे याद दिलाती है की उसने ये वर्दी अपने देश की मिटटी की सुरक्षा यानि देश की सामाजिक व्यवस्था की सुरक्षा के लिए पहनी है।

पुलिस की नौकरी ज्वाइन करते वक्त उन्हें कसम दिलाई जाती है वो देश के हितों की हर दशा मे सुरक्षा करेंगे और सभी जाति-धर्म से ऊपर उठ कर न्याय का सम्मान करेंगे।

ये खाकी रंग उन्हें हमेशा इस देश की मिटटी से जुड़े रहने का एहसास दिलाता है। साथ ही इसके पीछे जो इतिहास है वो भी हम आपको बताते है सन 1800 के मध्य में, भारत पर ब्रिटिश राज था और तब उनकी पुलिस की वर्दी सफ़ेद हुआ करती थी जो भारत में भ्रमण के दौरान धुल-मिटटी से बहुत जल्दी खराब होती थी।

तब उन्हें काफी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। 1847 में, सर हैरी बर्नेट लम्सडेन ने पहली आधिकारिक खाकी वर्दी को सबके सामने प्रस्तुत किया और बताया की ये रंग धुल मिटटी में खराब नहीं होता और इसे ही पुलिस की वर्दी के लिए अपना लिया गया।इसी तरह अलग अलग देशों में पुलिस की वर्दी को अपना अलग इतिहास है और अपनी भिन्न प्राथमिकतायें है।