कॉलेज के जरूरतमंद छात्रों की होंगी फीस माफ़


नयी दिल्ली : दिल्ली सरकार ने एक अहम फैसले में कॉलेज में पढऩे वाले जरूरतमंद छात्रों की फीस माफी के लिये योज्ञता के मुताबिक छात्रवृथि देने की योजना शुरू की है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज बताया कि सरकार ने मैरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप के नाम से फीस माफी योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के तहत लक्षित 20 से 25 हजार छात्रों को मदद पंहुचाने हेतु चालू विथ वर्ष के लिये 10 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।

इसका लाभ उठाने वाले छात्र दिल्ली सरकार के छह विश्वविद्यालयों (गुरऊगोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय, इंद्रप्रस्थ सूचना प्रोद्यौगिकी संस्थान, अंबेडकर विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी महिला तकनीकी विश्वविद्यालय और दिल्ली फार्मा विज्ञान एवं शोध विश्वविद्यालय) में छात्रवृथि के साथ पढ़ाई कर सकेंगे।

सिसोदिया ने बताया कि इस पहल के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के कार्डधारक परिवारों के छात्रों को फीस में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं प्रतिवर्ष 2.5 लाख रुपये आय वाले परिवार के छात्रों की इस योजना के तहत 50 प्रतिशत, 2.5 लाख रुपये से छह लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के छात्रों की 25 प्रतिशत फीस माफ हो जायेगी। इस योजना का लाभ लेने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों के लिये 60 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्रों को 55 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। सिसोदिया ने कहा कि शुरूआती दौर में यह योजना स्नातक स्तर पर ही लागू की गयी है बाद में इसे अन्य पाठ्यक्रमों में भी शामिल किया जायेगा।

उन्होंने दावा किया कि सालाना छह लाख रुपये आय सीमा वाले परिवारों को फीस माफी योजना में शामिल करने वाला दिल्ली देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद परिवार की आर्थिक तंगी छात्रों के उच्च शिक्षा से वंचित होने का कारण नहीं बनने देना है। सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि नेता जी सुभाष तकनीकी संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद इस योजना के दायरे में इस संस्थान को भी शामिल कर लिया जायेगा।