11 घंटों तक गढ्ढा खोदती रही हथिनी, जब सुबह लोगों ने हकीकत देखी छलक गए आंसू


एक माँ का अपने बच्चे के प्रति कितना प्रेम होता है ये तो जगजाहिर है। इंसान में ये खासियत जितनी होती है उतनी ही जानवरों में भी होती ,चाहे माँ कोई जानवर ही क्यों न हो उसकी ममता अपने बच्चे के लिए कभी कम नहीं होती। आज हम आपको एक ऐसी घटना बताने जा रहे है जिसमे एक हथिनी अपने बच्चे को बचाने के लिए 11 घंटे तक लगातार गड्ढा खोदती रही पर फिर क्या हुआ आईये जानते है ये भावुक कर देने वाली स्टोरी।

एक हाथी के लिए गढ्ढा खोदना कोई आसान काम नहीं है लेकिन फिर भी बिना रुके ये हथिनी सारी रात इतनी मेहनत करती रही। दरअसल हुआ ये एक गाँव के नज़दीक जंगलों में काफी संख्या में हाथियों का निवास स्थान भी है। जंगलों से सटे हुए ग्रामीणों के खेत भी है। ऐसे ही एक खेत में पानी जमा करने के लिए गड्ढा खोद कर रखा गया था।

रात को जब ये हथिनी अपने बच्चे के साथ इस खेत से गुज़र रही थी तब अँधेरा होने की वजह से उसका बच्चा इस गढ्ढे को देख नहीं पाया या कह सकते है पार नहीं कर पाया और इसमें गिर गया। गढ्ढा गहरा होने की वजह से हठी का बच्चा इस गढ्ढे से बाहर नहीं निकल सकता था।

उसकी हथिनी माँ ने उसे निकालने की भरसक कोशिश की पर जब वो सफल नहीं हो पायी तो उसने गढ्ढे को और खोदने की कोशिश की जिससे गड्ढे में रास्ता बन सके और उसका बच्चा उसमे से बाहर आ सके। इस माँ ने तरीका तो सही सोचा था पर उसकी इस कोशिश में गढ्ढा को और खोदते वक्त काफी मिटटी गढ्ढे के अंदर ही गिर रही थी और बच्चा उसमे और ज्यादा फंसता जा रहा था।

गढ्ढे में पानी और मिटटी होने की वजह से दलदल बनती जा रही थी जिसमे फंस कर हथिनी का बच्चा मर भी सकता था। सुबह जब गांव के लोगों ने हथिनी को गढ्ढे के पास परेशान देखा तो पूरा मामला समझा। बच्चे को न निकलता देख हथिनी काफी गुस्से मं थी और किसी को नज़दीक नहीं आने दे रही थी।

तब गांव वालों ने उसे केले दिखा कर उसका ध्यान भटकाया जिससे उसके बच्चे को बाहर निकाला जा सके। गांव वालों की मेहनत रंग लायी और हठी के बच्चे को सकुशल गढ्ढे से बाहर निकल लिया गया।