दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण का खतरा

अस्पतालों को डेंगू मरीजों के लिये 10 से 20 प्रतिशत बिस्तर सुरक्षित रखने के निर्देश


chikungunya

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण के खतरे को देखते हुये सभी सरकारी अस्पतालों को 10 से 20 प्रतिशत बिस्तर सुरक्षित रखने को कहा है। जिससे इस तरह के मौसमी बुखार से पीडि़त मरीजों को तुरंत इलाज की सुविधा मुहैया करायी जा सके। बिस्तर सुरक्षित रखने के दायरे में निजी अस्पतालों को भी लाया जायेगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य एवं अन्य संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में अस्पतालों और सिविक एजेंसियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किये गये। बैठक में शामिल उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि बैठक में डेंगू और चिकुनगुनिया का संक्रमण रोकने के लिये सभी विभागों द्वारा किये गये एहतियाती उपायों की रिपोर्ट की समीक्षा की गयी। इसमें पिछले साल बनाये गये 400 फीवर क्लीनिक की तर्ज पर इस साल भी फीवर क्लीनिक बनाने को कहा है।

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उन्होंने बताया कि बैठक में केजरीवाल ने स्वास्थ्य विभाग और सिविक एजेंसियों को आपसी सामंजस्य से दिल्ली को मच्छर मुक्त बनाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया जिससे राष्ट्रीय राजधानी को पूरी तरह से मच्छर मुक्त बनाया जा सके। इसमें एनसीआर के पड़ोसी राज्यों को भी शामिल करने को कहा है। सिसोदिया ने कहा कि हर साल जुलाई-अगस्त में डेंगू और चिकुनगुनिया फैलने के खतरे को देखते हुये सरकार ने अभी से इस संभावित समस्या के उपजने से रोकने के इंतजाम किये हैं।

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा ”दिल्ली को मच्छरों से मुक्त करना है। मच्छरों से होने वाली बीमारियों से मुक्ति दिलानी है। इसे जनआंदोलन बनाना होगा। जनभागीदारी से ये संभव है। डेंगू और चिकुनगुनिया से निपटने के लिये आज सभी अधिकारियों की बैठक ली। सब मिलकर काम करेंगे तो ये संभव है।”

– भाषा

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