जो ऐतिहासिक धरोहरें हुआ करते थे हिंदुस्तान की शान, आज पाकिस्तान में धूल फांकने को है मजबूर !


भारत में एक से बढ़कर एक खूबसूरत और ऐतिहासिक इमारतें और किले है जो भारत के गौरवशाली इतिहास की सूचक है। दुनियाभर से पर्यटक इन्हे देखने आते है। आज हम आपको कुछ ऐसे किलों के बारे में बता रहे है जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान के हिस्से में आये और आज धुल फांकने को मजबूर है।

pakistan monumentsपकिस्तान में पर्यटन बेहद दयनीय स्थिति में है क्योंकि यह देश एक अशांत देश है और विदेशी पर्यटक यहाँ आने से डरते है। जो इमारतें कभी शान हुआ करती थी आज जर्जर होकर अपना वजूद तलाश रही है। अगर यही इमारतें भारत में होती तो सोचिये क्या बात होती।

pakistan monuments1. दरावड़ का क़िला, बहावलपुर: बहावलपुर के डेरा नवाब साहिब से करीब 48 कि.मी दूरी पर दरावड़ नाम का मशहूर किला बसा है। यह किला चोलिस्तान रेगिस्तान में मिलो दूरी से भी दिखाई पड़ता है।

pakistan monumentsआपको बता दे कि इस किले की दीवारे 30 मीटर ऊंची है। इस किले का निर्माण जैसलमेर के राजपूत राय जज्जा भाटी ने करवाया था। कब्जे से पहले यह रॉयल फैमिली का महल हुआ करता था।

pakistan monuments2. अल्तीत फोर्ट, गिलगित-बल्टिस्तान: करीब 900 साल पुराना यह अल्तीत फोर्ट पाकिस्तान के गिलगित-बल्टिस्तान की हुंजा वैली के करीमाबाद में बसा है। इसे सबसे पुराना मॉन्युमेंट भी कहा जाता है। यह किला धवस्त होने की कगार पर था लेकिन आगा खान ट्रस्ट ने नार्वे और जापान की सहायता से इस को फिर से मशहूर कर दिया।

pakistan monuments3. सादिक गढ़ पैलेस, बहावलपुर:  बहावलपुर जिले में मौजूद सादिक गढ़ पैलेस पाकिस्तान के मशहूर किलो में से एक है। ऐसा माना जाता है कि इस किले को 1882 में बहावलपुर के राजा नवाब सादिक मुहम्मद ने बनवाया था। यह किला चारों तरफ से दीवारों और गार्डन से घिरा पड़ा है।

pakistan monuments4. रोहतास फोर्ट, दीना टाउन, झेलम: इस किले का निर्माण राजा शेह शाह सूरी ने 1547 के आसापास ही करवाया था। यह झेलम शहर के दीना टाउन के काफी पास मौजूद है। इस किले की सीढीदार दीवार और लगभग 12 गेट्स लगे है।

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