जानिए क्यों करते हैं शंख का इस्तेमाल, हिन्दू धर्म में शंख का क्या है महत्व


हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन से 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी। उन 14 रत्नों में से एक रत्न शंख भी था। हिंदू शास्त्रों की यह मान्यता है कि शंख से घर में सुख-समृद्धि आती है। ऐसा भी देखा गया है कि काफी सारे लोग जब अपने घर में पूजा करवाते हैं तो वह शंख का जरूर इस्तेमाल करते हैं।

शंख भी कई तरह के होते हैं लेकिन मुख्य रूप से तीन शंख होते हैं जिन्हें हिंदू धर्म में उनका सबसे ज्यादा महत्व होता है। तीन शंख ये वाले होते हैं-दक्षिणावर्ती, वामावर्ती और मध्यावर्ती या गणेश शंख।

हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि अपने घर में दक्षिणवर्ती शंख को रखते हैं तो घर में लक्ष्मी का वास होता है। जो भी अपने घर में इस शंख को रखते हैं उनके घर में धन की कभी भी कमी नहीं होती है। ऐसा देखा गया है कि जो लोग इस शंख को अपने घर में रखते हैं उनके घर में धन की कमी नहीं होती है।

ऐसा कहा जाता है कि दक्षिणावर्ती शंख के आगे में चंद्रमा देवता, बीच में वरुण देवता, पृष्ठ भाग में भगवान ब्रह्माण और आखिर भाग में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का वास होता है। ज्योतिषियों का ऐसा कहना होता है जिनके घर में यह शंख होता है उन्हें रोजना इस शंख की पूजा और दर्शन करने चाहिए।

शंख घर में रखने के बहुत सारे महत्व होते हैं। ज्योतिषी कहते हैं शंख घर में बजाने से घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र होता है। ऐसा कहा जाता है कि शंख की आवाज से मन में सकारात्मक विचार पैदा होते हैं। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि रोज शंख बजाने से देवता खुश होते हैं। ज्योतिषियों का ऐसा मानना होता है कि शंख में जो पानी रखते हैं उसे घर में छिड़काने से घर का वातावरण शुद्ध हो जाता है।

शंख में जो पानी रखा जाता है अगर आप उस पानी का सेवन करते हैं तो वह आपके शरीर की हड्डियों के लिए काफी अच्छा होता है और वह हड्डियों को मजबूत बनता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी शंख के बजाने के कई महत्व होते हैं। वैज्ञानिकों का ऐसा माना जाता है कि शंख को बजाने से कई सारे जीवाणुओं-कीटाणुओं का नाश होता है।

आयुर्वेद में शंख को लेकर कर्ई तरह की बाते कहीं गर्ई है। शंख का इस्तेमाल को आयुर्वेद में भी काफी महत्वपूर्ण बोला गया है। प्राचीन काल में युद्धारंभ की घोषणा शंख बजाकर की जाती थी। ऐसा कहा जाता है कि शंख की आवाज से आध्यात्मिक शक्ति संपन्न होती है।