हस्तिनापुर में महाभारत के प्राचीन रहस्य समेटे आज भी सुरक्षित है पांडव टीले का ‘चमत्कारी कुआं’


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महाभारत हिन्दू समाज का महाग्रंथ है जो भारतीय पौराणिक इतिहास में गहरा महत्व रखता है। इस की महत्ता आप इस बात से जान सकते है की हम इसके समय को महाभारत काल के नाम से ही जानते है। वैसे तो महाभारत के अनेकों साक्ष्य मिलते रहते है पर आज हम आपको एक ऐसे चमत्कारी कुएं के बारे में बता रहे है जिसका सम्बन्ध महाभारत काल से है।

mahabharatआईये जानते है इसका महत्व। जब भी महाभारत या उससे जुडी किसी बात का जिक्र आता है तो हस्तिनापुर का नाम जरूर आता है। पौराणिक काल से ही हस्तिनापुर नगर धर्मनगरी के नाम से मशहूर है।

pandveshvar templeइस ऐतिहासिक स्थल में आज भी हजारों लाखों साल पुराने साक्ष्य मौजूद है जो महाभारतकाल की गवाही देते है। हस्तिनापुर में पांडव टीले पर ही एक कुआं बना है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इस कुएं के पानी से ही द्रोपदी और पांडव स्नान करते थे।

pandveshvar templeजो भी श्रद्धालु हस्तिनापुर के दर्शन को आते है वो इस चमत्कारी कुंए पर जान नहीं भूलते। आपको बता दें हस्तिनापुर मेरठ शहर से करीब 48 किमी की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर जैन समुदाय के भी प्राचीन मंदिर है।

pandveshvar templeसाथ ही हस्तिनापुर में प्राचीन टीले के दक्षिणी-पश्चिमी किनारे पर प्राचीन पांडवेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यह मंदिर अपने अंदर महाभारत काल के इतिहास को संजोए हुए हैं।

pandveshvar templeइस मंदिर परिसर में सालों पुराने दो विशालकाय पेड़ है। मान्यता है कि यहां पर पांडव और भगवान श्रीकृष्ण खेलते थे। मंदिर में स्थित शिवलिंग को स्वयंभू शिवलिंग बताया जाता है।”

pandveshvar templeआपको साथ ही ये भी बता दें यहाँ को चमत्कारी कुआं स्थित है उसे अमृत कूप भी कहा जाता है और मान्यता है की इसके जल में बहुत से चमत्कारी लाभ है।

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