खुद के लिए निकालें वक्त ताकि बनी रहे सुंदरता


गर्मियों के आते ही टीशर्ट और शॉट्र्स पहनकर बाहर निकलने का मन करता है, लेकिन ऐसा करने से पहले अपने हाथ-पैरों की सुरक्षा का इंतजाम अवश्य कर लें क्योंकि चिलचिलाती धूप अपने साथ अनेक समस्याएं भी लाती है। विशेषकर आपके हाथ और पैरों के लिए। जब बाहर का तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड हो और आपके पैर टाइट जूतों में बंधे हों तो उन पर अनेक संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है।

बाहें-

बाहों में सनस्क्रीन का प्रयोग करें। अगर आपकी बाहों पर हानिकारक गर्मी से लाल निशान पड़ जाते हैं। बावजूद इसके स्लीवलैस टॉप पहनने का मन है तो बेहतर यह है कि हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, जिसका एसपीएफ 30 से अधिक हो। इसके बाद ही घर से बाहर निकलें। इसके अलावा हल्का मोइश्चराइजर का नियमित इस्तेमाल करें। शाम के समय लाइटवेट मोइश्चराइजर मिंट का नारियल पानी के साथ इस्तेमाल करें। इसे बाहों पर लगाने से आप फंगल इंफेक्शन और गंदगी के जमा होने से बची रहती हैं।

पैर-

पैरों के आराम के लिए गुनगुने पानी में पैरों को सेंके। विशेषज्ञों का कहना है कि गुनगुने पानी से नियमित अपने पैरों की सिकाई करें ताकि थकन दूर हो सके। पैरों की मुलामियत के लिए पाउडर का प्रयोग किया जा सकता है। गर्मियों के महीनों में पैरों से जो अत्यधिक पसीना निकलता है, उसे सोखने का सबसे अच्छा तरीका फीट पाउडर इस्तेमाल करना है। हल्का सा खुशबुदार पाउडर पैरों पर लगाने से आप दिनभर फ्रेश रहेंगी और आपके पैरों से बदबू भी नहीं आयेगी।

हाथ-

गर्मियों में हाथों की खास सुरक्षा के लिए दस्ताने जरूर पहनें। अपने हाथों को दिन भर नमीयुक्त रखें। उनमें झुर्रियंा न पड़ें, साथ ही उनकी त्वचा ढीली न हो। सूर्य की किरणों से हाथ की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि पैरों की।
जब सुबह या दोपहर में घर से बाहर निकलें तो हाथों पर सनस्क्रीन लगाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि हैंडस्क्रब का प्रयोग करें ताकि हाथों से मृत कोशिकाओं को हटाया जा सके। ऐसा सप्ताह में कम से कम एक बार करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी मोइश्चराइजिंग हैंडक्रीम का प्रयोग करें जिसमें वनस्पति तेल और जलन विरोधी तत्व मौजूद हों ताकि आपके हाथ, नाखून आदि सुरक्षित रहें।

घुटने:

घुटनों को एक्सफोलिएट करना आवश्यक है ताकि वह मुलायम और चिकने रहें। एक्सफोलिएट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें। जब आप नहाने के लिए जाएं तो यह ध्यान रखें कि घुटनों और उसके आसपास का जो हिस्सा है उसे अच्छी तरह से झामे से रगड़ कर साफ कर दें ताकि मृत कोशिकाएं और गंदगी को हटाया जा सके, यही एक्सफोलिएट करना होता है। आपके घुटने धूप और गंदगी के कारण रोज ही गंदे हो जाते हैं। एक नींबू को बीच में से काट लें और उसे अपने घुटने पर नहाने से पहले रगड़ लें। नींबू में सिटरिक ऐसिड होता है जो प्राकृतिक एक्सफोलिएटर और त्वचा को कोमल करने का काम करता है। द्य

दाग धब्बों से  ऐसे बचें…

गर्मियों में रंगीन फल खाएं। इन फलों में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंटस होते हैं जो मुक्त रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालते हैं। इन फलों में विटामिन सी भी होता है जो शरीर पर धब्बे नहीं पडऩे देता। घुटने और कोहनियंा गर्मियों में नमी और गंदगी के कारण काली पड़ जाती हैं। जिन मोइश्चराइजर्स में नारियल का तेल होता है उनका इस्तेमाल करने से त्वचा का खुरदुरापन दूर हो जाता है। ह्यपपीता, नारियल और मिंट का लेप बतौर मास्क इस्तेमाल करने से इन क्षेत्रों में त्वचा का रंग खिल उठता है और वह चिकनी और सुंदर बनी रहती हैं।