खजाने में मिला करीब 1 अरब 20 करोड़ का काला धन, पर अफ़सोस ….


काले धन की समस्या केवल भारत में नहीं है, बल्कि ये बीमारी भारत की तरह पूरी दुनिया में फैली हुई है। यहाँ पर भारत सरकार ने नोटबंदी  का फैसला लेकर कला धन जमा करने वालों के ऊपर कड़ा कदम जरूर उठाया है पर इस पर अभी और एतिहात बरतने की आवश्यकता है। कालाआज धन छुपाने के लिए लोग कई तरीकों का इस्तेमाल करते है जैसे गुप्त तिजोरियां या कमरे जहाँ पर धन छुपाया जा सके।

कई बार किसी अनहोनी या कारण की वजह से इस धन का मालिक खुद इसका इस्तेमाल नहीं कर पता और कई बार ऐसा भी हुआ है इस तरह के धन के बारे में पता भी चल पता और अचानक किसी दिन खुलासा होता है और कुछ इस तरह की ख़बरें आती है जैसे ‘जमीन के नीचे से भरी रकम बरामद हुई या किसी बिल्डिंग या मकान के गुप्त कमरे या दीवारों में छुपाया गया था खज़ाना’ !

आज हम आपको ऐसे ही खजाने के बारे में बताने जा रहे है जिसमे खोजी लोगों को 1 अरब 20 करोड़ के नोट प्राप्त हुए पर उनकी ये कोशिश सफल होने के बाद भी उन्हें मालामाल नहीं बना पायी। बात दरअसल रूस की है, जहाँ कुछ इसी तरह का वाकया हुआ की आप पढ़कर चौंक जाएंगे। रूस के शहर मॉस्को से करीब १६१ किलोमीटर दूर कुछ खदानों में काला धन छुपा होने की खबर मिली।

ऐंटन अलेक्सीव नामक शख्स की अगुवाई में एक टीम को खोज के लिए भेजा गया जिन्होंने जब खदानों की तलाशी ली तो उनकी आखें फटी रह गयी।

खदान से इतनी भारी मात्रा में नोटों के बण्डल मिलना सबके लिए अविश्वसनीय था पर बाद में सबको अफ़सोस हुआ की इतनी बड़ी रकम होने के बावजूद ये नोट मात्र कागज़ की रद्दी भर थे। दरअसल, सोवियत रूबल 1961 के समय चलता था, लेकिन 1990 के बाद वहां रुसी रूबल चलने लगा। ऐसे में अब इन नोटों की कोई अहमियत नहीं है।