ये है वो झूठी बातें जो आपने भी अपने स्कूल से सीखी होंगी


स्कूली शिक्षा हमारे जीवन में पढाई का अहम हिस्सा माना जाता है या ये कह सकते है हमारी पढाई में स्कूल एक आधार का कार्य करते है। हम अक्सर यही मानते है की स्कूल में सिखाई जाने वाली अधिकांश बातें सच ही होती है बल्कि हम क्या हमारे माता -पिता और बुद्धिजीवी लोग भी इस बात का समर्थन कर सकते है। पर ये सच्चाई नहीं है। आज हम आपको कुछ ऐसी खास बातें बताने जा रहे है जिनके बारे में हमारी स्कूली शिक्षा झूठ साबित होती है।

1. हम बंदरों से कभी विकसित नहीं हुए: आपने भी ऐसा पढ़ा होगा की हम बंदरों से विकसित हुए है लेकिन ये झूठ है। मानव और एप जैसे चिंपांजियां 99% के डीएनए समानता हैं पर हम उनसे विकसित नहीं हुए हैं । मनुष्यों और बंदरों ने एक आम पूर्वज को साझा किया और हम बंदरो से 6-8 मिलियन वर्ष पहले विकसित हुए।

2. न्यूटन के सिर पर सेब कभी नहीं गिरा : न्यूटन की गुरुत्वाकर्षण की खोज के पीछे कहानी बताई जाती है की वो एक सेब के बाग़ में बैठे थे और उनके सर पर सेब गिरा तब उन्होंने इस पर खोज शुरू करी पर ये कहानी झूठ है। न्यूटन ने इस बात पर गौर किया था की सेब या फल सीधे पेड़ से टूटकर धरती की तरफ क्यों आते हैं।

3. कोलंबस ने कभी साबित नहीं किया की पृथ्वी गोल है : आपने अपनी शिक्षा में सीखा होगा की पृथ्वी गोल है ये खोज कोलंबस ने की है पर ये तथ्य गलत है क्योंकि प्राचीन ग्रीक गणितज्ञों ने पहले ही साबित कर दिया था कि पृथ्वी गोल था। छठी शताब्दी में पाइथागोरस बी.सी.ई. विचार के उत्पत्ति में से एक था। चौथी शताब्दी बीसीई में अरस्तू भौतिक प्रमाण प्रदान किए, जैसे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया और धरती के निकट वाले सभी नाविकों द्वारा ज्ञात पृथ्वी की वक्रता।

4. आइंस्टीन कभी गणित में विफल नहीं हुए : आपने पढ़ा होगा आइंस्टीन बेहद कमज़ोर छात्र थे पर ये बात भी सही नहीं है , क्योंकि वे कभी गणित में फेल नहीं हुए। उनके अपने शब्दों में, “जब मैं पंद्रह का था, मैंने अंतर और कैलकुलस में महारत हासिल की थी।

5. आप चाँद से चीन की महान दीवार नहीं देख सकते हैं: यहां तक कि चन्द्रमा पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्री भी दावा करते हैं कि चीन की महान दीवार चन्द्रमा से नग्न आंखों का उपयोग करते हुए दिखाई नहीं देती है