यह लक्षण होते हैं गले में कैंसर होने का प्रतीक


आजकल कैंसर जैसी गंभीर बीेमारी काफी सुनने में आ रही है। कैंसर भी कई तरह के प्रकार के होते हैं। जिनके केसेस देखने को मिल रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले तो मुंह और गले के कैंसर के आ रहे हैं। यह भी सुनने में आया है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को सबसे ज्यादा कैंसर होता है। यह भी देखने में आया है कि कैंसर सबसे ज्यादा दिल्ली जैसे शहरों में काफी तेजी से फैल रहा है। गले का कैंसर उन लोगों को होता है जो सिगरेट और तंबाकू का सेवन सबसे ज्यादा करते हैं। साथ ही जो अप्रत्यक्ष धूम्रपान करने वाले भी शिकार होते हैं।

एक सर्वे के मुताबिक यह देखा गया है कि गले का कैंसर ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा को हो रहा है। बता दें कि सबसे ज्यादा इस गले के कैंसर के शिकार 40 से 50 साल के उम्र के लोगों को हो रहे हैं। गले का कैंसर काफी खतरनाक भी हो सकता है क्योंकि अक्सर देखा गया है कि लोग मुंह की परेशानियों को नजरंअंदाज कर देते हैं। यह बीमारी हो जाती है। अगर पहले समय की बात करें तो पहले उम्रदराज लोगों को हो जाता था।

क्या है गले का कैंसर

ज्यादातर गले के कैंसर मुख के तार पर शुरू होते हैं, और बाद में स्वर यंत्र से गले के पिछले हिस्से, जिसमें जीभ और टांसिल्‍स के हिस्से शामिल होते हैं। ये धीरे धीरे श्‍वांसनली में भी फैल जाते हैं।

ये है लक्षण

1) ज्यादा दिनों तक के लिए आवाज बदलना या फिर आवाज में भारीपन आना।
2) खाना निगलने में दिक्कत होना।
3) तेजी से वजन कम होना।
4) लंबे समय तक गले में खराश रहना।
5) कफ के साथ खून निकलना।
6) गर्दन में सूजन और दर्द बना रहना।
7) लंबे समय तक कानों में दर्द रहना।

इस कारण होता है गले में कैंसर

ज्यादा स्मोकिंग, शराब, और तंबाकू खाने से गले का कैंसर हो सकता है। प्रदूषित वातावरण भी गले के कैंसर का एक प्रमुख कारण है। डस्‍ट, वुड डस्‍ट, कैमिकल डस्‍ट और रोड डस्‍ट के कण कैंसर का कारण बन सकते हैं। सल्‍फर डाई ऑक्‍साइड, क्रोनियम और आर्सेनिक भी कैंसर की आशंका को बढ़ाते हैं।