इस शख्स की है 60 बीवियां, जो खाता म्यांमार में और सोता भारत में है


जैसा की हम सब जानते है एक व्यक्ति की कानूनी तरीके से एक ही बीवी होती है, पर कई लोग धोखा-धाड़ी से अपने पहली बीवी को जाल में फसा के दूसरे शादी कर लेते है, या फिर यूं कह लो कि घर वाले जबरदस्ती शादी कही और करवा देते है पर हमें पसंद कोई और होता है। जिसकी वजह से लोग इधर-उधर भटक जाते है और अपनी पहली बीवी को छोड़ कर अपनी पसंद की दूसरी लड़की से शादी कर लेते है।

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परन्तु एक दुनिया में ऐसा भी एक व्यक्ति है जिसकी 60 बीवियां है। जी हां, यह एक ऐसा शख्स है जिनके बारे में सुन कर आप हैरान हो जाएंगे। यह एक ऐसा व्यक्ति है जो अपनी बीवियों के साथ खाना तो एक देश में खाता है और सोने के लिए दूसरे देश में जाता है। आपको सुनने में तो ये बड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन आइए आपको बताते हैं इसके पीछे का राज क्या है।

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कहा रहता है ये शख्स…

नागालैंड के लोंगवा गांव में ऐसा ही होता है, जहां पर कोन्याक जनजाति के लोग रहते हैं। दरअसल, इस गांव का आधा हिस्सा भारत में तो आधा हिस्सा म्यांमार में है। इस ट्राइब्स के राजा का नाम अंग नगोवांग है, जिनके अधीन लोंगवा समेत कुल 75 गांव आते हैं।

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वहीं, इनके घर के बीच से होकर म्यांमार और भारत का बॉर्डर गुजरता है। ऐसे में इनका परिवार खाना तो म्यांमार के हिस्से में खाता है, लेकिन सोने के लिए भारतीय सीमा का उपयोग करता है।

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बिना वीजा पासपोर्ट के घूमता है ये राजा..

लोंगवा गांव के राजा का परिवार भी काफी बड़ी है, जिसमें उनकी 60 बीवियां भी शामिल हैं। वहीं, राजा का बेटा म्यांमार आर्मी में है। भारत-म्यांमार सीमा पर होने के कारण यहां के लोगों को तकनीकी तौर दोनों ही देशों की नागरिकता मिली हुई है। ऐसे में इन्हें म्यांमार जाने के लिए न तो वीजा की जरूरत होती है और न ही भारतीय पासपोर्ट की। यहां के लोग दोनों ही देशों में स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं।

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इस नाम से जाने जाते है ये लोग..

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इस ट्राइब्स के लोगों को हेड हंटर्स के नाम से भी जाना जाता है। ये इंसानों को मारकर उनके सिर को अपने घरों में सजाते थे। हालांकि, 1960 के दशक बाद यहां हेड हंटिंग नहीं होती है। इनकी संख्या अन्य दूसरे जनजातियों की तुलना में काफी ज्यादा है। इनकी भाषा नागमिस है, जो नागा और आसामी भाषा से मिलकर बनी है।