सभी देशवासियो के मोबाइल में यह शायरी 15 अगस्त तक होनी चाहिए !


देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है

भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है

भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है ।

अकबर तो था आक्रमणकारी, उसे महान मत बतलाओ

वीर प्रताप के गुण गाओ

महाराणा के स्वाभिमान को मत भूल जाओ

अकबर को महान बताना मक्कारी है, गद्दारी है

अपना प्रताप लाखों अकबरों पर अकेले भारी है ।

दुनिया में सबसे खूबसूरत है भारत

संस्कृति और विज्ञान का तराना है भारत

मानवता का अद्भुत खजाना है भारत ।

कौन बनेगा सरदार भगत सिंह

कौन बनेगा स्वाभिमानी प्रताप

कौन बनेगा सरदार पटेल

कौन-कौन करेगा देश के दुश्मनों का विनाश।

जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज है।

ऐ वतन तू हीं बता, तुझसे बड़ी क्या चीज ।

नज़ारे नज़र से ये कहने लगे,नयन से बड़ी चीज कोई नहीं

तभी मेरे दिल ने ये आवाज दी, वतन से बड़ी चीज कोई नहीं।

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,

मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,

करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,

तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है ।

मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,

यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,

मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,

तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ ।

चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर ले,

शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर ले,

जिसमे बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे,

देशभक्तों के खून की वो धारा आज याद कर ले ।

ईस्वर करे की हमारा देश सभी जगह और सभी चीज में उन्नति करे,

ताकि पूरी दुनिया को हम पर गर्व हो।