यह अनोखा मंदिर माता की शक्ति का साक्षात प्रमाण है


पूरी दुनिया में सभी अपने देवी-देवताओं का पूजन किया करते हैं। भारत देश में सभी राज्यों में देवी-देवताओं के शक्तिशाली मंदिर बने हुए है। जहां लाखों लोग रोर दर्शन के लिए आते हैं। सभी लोग दूर-दूर से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की मन्नतें मांगते है। भगवान के दर्र्शन के लिए लंम्बी-लंम्बी लाइनों में खड़े होते है। ऐसे ही आपको बता दें कि भारत में एक ऐसा राज्य उत्तराखंड है जो देवभूमि उत्तराखंड के नाम से ही जाना जाता है। वैसे तो उत्तराखंड में अनेको मंदिर है ।  लेकिन इनमें से गर्जिया माता मंदिर अहम स्थान रखता है।

उत्तराखंड के नैनीताल डिस्ट्रिक्ट के रामनगर कस्बे से 15 किलोमीटर दूर ढिकुली के सुंदरखाल नामक गांव में स्थितय इस मंदिर को देखते ही भक्तों के मन में इसके बारे में जानने की इच्छा उत्पन्न हो जाती है। क्योंकि यह मंदिर एक ऊंचे टीले पर स्थित है जिसमें बिना सीढिय़ों के पहुंच जाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इस माता के मंदिर तक पहुंचने के लिए टीले में लगभग 90 सीढिय़ा बनी हुई है। बोला जाता है कि यह मंदिर ऊपर के पहाड़ी क्षेत्रों से कोसी नदी में बहकर नीचे जा रहा है। यह मंदिर नदी में बह रहा है लेकिन यह मंदिर जारा सा भी हिला-ढुला नहीं है ।

मंदिर एक टीले के रूप में ही रह रहा था। और वर्तमान समय में जिस जगह गर्जिया माता का मंदिर है उसी जगहभैरो बाबा का मंदिर भी है। जिस वक्त मंदिर का निर्माण हुआ था । तो उसी समय भैरव बाबा ने बोला “थिरौ, बैणा थिरौ” इसका मतलब होता है कि ठहरो बहन ठहरो यहां मेरे साथ निवास करो। जब से गर्जिया माता उस जगह पर निवास करने लगी। इस मंदिर को देखते ही श्रद्घालाओं के मन में आस्था की भावना उमड़ पड़ी। यह मंदिर जिम नेशनल कॉर्बेट पार्क के पास है। इसलिए यहां लाखों की तदाद में लोग दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते है।