जीवन जीने के लिए जरूरी है एकता


हमारे लिए एकता का बड़ा ही महत्व है। यदि हम एक होकर रहें तो हमें यह धरती स्वर्ग नजर आएगी। अगर हम विघटित हो गए तो यही धरती किसी नरक से कम नहीं। एकता में इंसान, इंसान है वरना शैतान है। एकता में ही अनेकता है। एकता में ही अखंडता है। एकता ही समाज है। एकता ही शांति है। एकता ही शक्ति है। एकता ही प्रगति का प्रतीक है। एकता के बिना आदर्श स्थापित नहीं किया जा सकता, क्योंकि एकता ही इंसान, समाज एवं देश के लिए अभेद शक्ति है। एकता में पूरा विश्व एक कुटिया में समा सकता है।

प्यार और समरसता के साथ रहना जीवन के वास्तविक सार को उपलब्ध कराता है। एकता में केवल शारीरिक उपस्थिति ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि इसमें मानसिक, बौद्धिक, वैचारिक और भावनात्मक समानता भी आवश्यक है। एकता के बल पर ही अनेक राष्ट्रों का निर्माण हुआ है।

एकता के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक सबसे पहले देशवासी हों, फिर गोरे-काले या हिंदू-मुस्लिम हों। महज पांच संगठित व्यक्ति पूरे विश्व का कल्याण कर सकते हैं, जबकि पांच सौ असंगठित लोग अपना घर तक नहीं सुधार सकते।
एकता, संगठन और समुदाय में मनोबल को बढ़ाता है।

एकता लोगों के बीच संगठन भावना, रिश्ते, सामूहिक कार्य को बढ़ाने में मदद करता है। इसकी वजह से ही लोगों की कार्यकुशलता, उत्पादकता और जीवन शैली में सुधार आता है। जिस घर में एकता होती है, वहां सदैव सुख-शांति होती है।