किन्नरों से जुड़ी ये 8 दिलचस्प बातें उड़ा देंगी आपके होश


किन्नर से जुडी बहुत सी भ्रांतियां है जो आपने सुनी होगी जिसमे से आधी हकीकत और आधा फ़साना होता है। वास्तव में किन्नर न ही पूर्ण पुरुष होते है और न ही पूर्ण स्त्री। इनका इतिहास भी बहुत प्राचीन है। आप अक्सर राह चलते इनसे बचने की की कोशिश करते होंगे पर ये वही लोग है जो आपकी हर ख़ुशी में शामिल होते हैं। बच्चे के जन्म पर इनकी दुआएं लेना बहुत ही शुभ माना जाता है और ये भी माना जात है की इनकी बद्दूआ कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि ये एक अभिशाप है। आईये नजर डालते है इनके बारे में कुछ ऐसे तथ्यों पर जो आप नाह जानते होंगे।

1. क्या कहता है ज्योतिष: इनके बारे में माना जाता है कुंडली में बुध, शनि, शुक्र और केतु के अशुभ योगों के कारण व्यक्ति किन्नर या नपुंसक पैदा होता है। एक वैज्ञानिक कारण भी है की अगर गर्भ धारण के समय वीर्य और रज समान हों तो किन्नर संतान उत्पन्न होती है।

2.अंतिम संस्कार: इनका अंतिम संस्कार बेहद गुप्त तरीके से होता है। आपने कभी नहीं सुना होगा की किसी किन्नर की मौत हुई है।

3.किन्नर समाज: अपने समाज में नए सदस्य को जगह देने से पहले कई तरह की परम्पराओं का पालन किया जाता है। इनके रीति-रिवाज बेहद कड़े होते है जिनका पालन इन्हें करना पड़ता है।

4.आराध्य देव: किन्नरों के आराध्य देव ‘अरावन’ को माना जाता है। हर किन्नर को अपने आराध्य देव से साल में एक बार विवाह करना पड़ता है और ये विवाह मात्र एक दिन के लिए होता है।

5.प्राचीन काल : महाभारत काल में शिखंडी जो की एक किन्नर थे , अर्जुन को भीष्म के खिलाफ युद्ध में विजय दिलाई थी। अर्जुन को युद्ध से पहले अज्ञातवास के दौरान किन्नर बनाकर एक वर्ष का समय बिताना पड़ा था और उनके इस रूप को वृहन्नला के नाम से जाना जाता है।

6.मान्यता : इनके बारे में माना जाता है की किन्नरों की उत्पत्ति ब्रह्माजी की छाया से हुई है। वाही कुछ ग्रंथों के अनुसार अरिष्टा और कश्यप ऋषि से किन्नरों की उत्पत्ति हुई है।