हमारे शरीर पर क्या प्रभाव होता है पेट के बल सोने से


अक्सर देखा गया है लोग अपने कंफर्ट और आदत के अनुसार ही अपने सारे काम करते हैं। आज हम बात कर रहे हैं लोगों की आदतों के बारे में और उनके काम के बारे में कर्ई ऐसे लोग हैं जो अलग-अलग पोजीशन में सोते हैं। अलग-अलग पोजीशन में सोने से हमारे शरीर पर भी इसका प्रभाव अलग तरह से होता है। इन सब के बारे में पता होना भी बहुत जरूरी होता है। कर्ई लोग अपने पेट केबल सोते हैं। इस आदत के भी कुछ फादयदे होते हैं और कुछ नुकसान भी होते हैं।

जानिए क्या हैं इसक फायदे और नुकसान-

जब हम पेट के बल सो रहे होते हैं तब हमारी रीड की हड्डी प्राकृतिक अवस्था से थोड़ी मुड़ जाती है। कारण यह कि इस समय हमारे शरीर का अधिकतर भार शरीर के मध्य केंद्र में केंद्रित होकर झुकाव पैदा करता है। इसके परिणाम स्वरुप लोअर बैक पेन, गर्दन में अकड़न और जोड़ों में दर्द की परेशानी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, ऐसा मयो क्लीनिक के रिसर्च में पाया गया है।

हालांकि ऐसा माना जाता है कि पेट के बल सोने से खर्राटे लेने वाले व्यक्ति को आराम मिलता है। इसके अलावा सोते समय सांस लेने में होने वाली रुकावट की परेशानी का भी निदान होता है। लेकिन यह समस्याएं रीढ की हड्डी से जुड़ी परेशानियों से बड़ी नहीं हैंं। इसके निदान के अन्य उपाय भी प्रयोग में लाए जा सकते हैं।

तो कुल मिलाकर बात यह है की पेट के बल सोने की पोजीशन, फायदे से ज्यादा नुकसान हीं पहुंचाती है।