क्या हुआ ऐसा कि मृतक की कब्र को खोदकर मंदिर के पास दफनाया


सपना एक ऐसा शब्द है जिसके साथ कई बातें जुड़ी हैं। यह एक ऐसी दुनिया है जिसे हम जाग्रत नहीं बल्कि निद्रावस्था में जीते हैं, महसूस करते हैं तथा जागने के बाद कई बार याद भी रखते हैं। लोगों की यह हमेशा ही शिकायत रहती है कि उन्हें कई बार ऐसे सपने आते हैं जो उस समय तो एक-एक दृश्य सही तरीके से बयां करते हैं लेकिन जागने के बाद उस विशेष स्वप्न के संदर्भ में कुछ भी याद नहीं रहता। इसी से जुडी एक घटना में सुकमा जिले के कोंटा ब्लाक से 16 किमी दूर बीहड़ों में असिरगुढ़ा गांव में अंधविश्वास का ऐसा बोलबाला है कि मृतक की कब्र पर लोग धूप-दीप दिखाकर मन्नतें मांगने लगे हैं। उसे रातों-रात भगवान बना दिया गया है।

आस्था ऐसी कि सपने की बात को लोग सच मान रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक एक साल पहले गांव के पुजारी युवक आसवीरा की मौत सड़क दुर्घटना में हो गई थी। इसके बाद इसके शव को कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। पिछले दिनों उसकी मां को वो सपने में आया और बोलने लगा कि मां मेरी रूह यहां भटक रही है। मेरी आत्मा काफी अशांत है। कृपया मुझे ग्राम देवी के मंदिर के पास दफनाया जाए। अगले दिन सपने की बात पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। बड़े-बुजुर्गों ने कब्र को खोदकर मृतक के अस्थि शेष को मंदिर के पास दफनाने का फैसला ले लिया। फिर कब्र खोदा गया जिसमें सड़ा-गला अवशेष निकला जिसे पोटली में बांधकर मंदिर के पास दफनाया गया है। अब गांव के लोग कब्र के पास जाकर पूजा-पाठ करने लगे हैं