सरकारी, निजी स्कूलों में तुलनात्मक उपलब्धि या कमी पर अभी टिप्पणी संभव नहीं: सरकार

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नयी दिल्ली : सरकार ने आज कहा कि अभी उसके लिए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में तुलनात्मक उपलब्धि या कमी पर टिप्पणी करना संभव नहीं है और अधिकांश राज्य और संघ राज्य क्षेत्रों में उपलब्धि संबंधी अंकों में विविधता है।

लोकसभा में कमला पाटले के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेन्द, कुशवाहा ने कहा कि साल 2015 में पहली बार सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए दसवीं कक्षा स्तर पर राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण कराया गया, चूंकि सर्वेक्षण का पहला ही दौर आयोजित किया गया है, इसलिए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में तुलनात्मक उपलब्धि या कमी पर टिप्पणी करना संभव नहीं है। उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि सरकारी स्कूलों में प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता निजी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की तुलना में निम्न है। मंत्री ने कहा कि दसवीं कक्षा के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण से यह पता चला है कि अधिकांश राज्य और संघ राज्य क्षेत्र में उपलब्धि संबंधी अंकों में विविधता है।

कुशवाहा ने कहा कि केंद, सरकार राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के माध्यम से सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में तीसरी, पांचवी एवं आठवीं कक्षा में बच्चों की अधिगम उपलब्धि का आवधिक राष्ट्रीय सर्वेक्षण आयोजित करती है। मंत्री ने कहा कि पांचवीं कक्षा के लिए अब तक राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के चार दौर आयोजित किए गए हैं। इससे पहले चौथे दौर तक चिन्हित विषयों में छात्रों की उपलब्धि के स्तरों में सुधार का पता चलता है।

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