घी-तेल न बिगाड़ दे सेहत का खेल

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न्यूयार्कः कॉलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी की बड़ी वजह है। ऐसे में एक्सपर्ट कम फैट वाले खाने को तरजीह देते रहे हैं ताकि कॉलेस्ट्रॉल न बढ़े लेकिन लेटेस्ट रिसर्च कहती हैं कि कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने में खाने का ज्यादा रोल नहीं है। साथ ही, दिल की बीमारी के लिए तेल से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट। कॉलेस्ट्रॉल को दूर करने में सही खानपान की जानकारी एक्सपर्ट्स की मदद से दे रही हैं प्रियंका सिंह:

अमेरिकी सरकार ने हाल में अपने सिटिजंस के लिए डाइटरी गाइडलाइंस जारी की हैं। 572 पेज की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने से मिलनेवाला कॉलेस्ट्रॉल यानी डाइटरी कॉलेस्ट्रॉल दिल के लिए नुकसानदेह नहीं है। पहले कहा जाता था, किसी भी शख्स को अपनी डाइट में रोजाना 300 मिलीग्राम से ज्यादा कॉलेस्ट्रॉल (अंडे का पीला हिस्सा, मक्खन, घी, क्रीम, चीज़, रेड मीड आदि) नहीं खाना चाहिए, वरना दिल की बीमारी हो सकती है। लेकिन नई गाइडलाइंस में इससे उलट कहा गया है कि डाइटरी कॉलेस्ट्रॉल और ब्लड कॉलेस्ट्रॉल के बीच कोई कनेक्शन नहीं है।

इस रिसर्च की अहम बातें हैं:
– कॉलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी की बड़ी वजह है, यह सही है लेकिन हम खाने में जो कॉलेस्ट्रॉल ले रहे हैं, उसका कोई खास खतरा नहीं है।

– ट्रांस फैट्स सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। ट्रांस फैट्स तेल को बार-बार गर्म करने या बहुत तेज गर्म करने पर पैदा होते हैं। ये वनस्पति घी में ज्यादा पाए जाते हैं।

– LDL (बैड कॉलेस्ट्रॉल) भी खतरनाक हो सकता है। यह बेशक आर्टरीज को ब्लॉक न करे, लेकिन इसके छोटे पार्टिकल्स आर्टरीज में सूजन पैदा कर सकते हैं।

– सैचुरेटिड फैट्स (घी, बटर, चीज, रेड मीट आदि) से दिल की बीमारी का सीधा कनेक्शन नहीं है।

– रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (सफेद चीनी, सफेद चावल और सफेद मैदा) फैट से कहीं ज्यादा नुकसानदेह हैं।

बेशक इन तमाम बातों से हमारे मन में कुछ सवाल उठते हैं और यहां हमने उन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश की है।

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