लुधियाना-अमृतसर : ‘ बोले सो निहाल..’ के खालसाई जयकारों की गूंज में अमृतसर स्थित शिरोमणि कमेटी के कार्यालय से पड़ोसी मुलक पाकिस्तान के गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी पर्व और खालसा स्थापना दिवस मनाने के लिए आज 839 सिख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। जत्थे मेंं महिला श्रद्धालु भी काफी संख्या में शामिल हैं।

यह जत्था पाकिस्तान में अन्य गुरुद्वारों में भी दर्शन करेगा और 21 अप्रैल को वापस भारत आएगा। इस जत्थे की अगुवाई शिरोमणिक कमेटी सदस्य स. रविंद्र सिंह कर रहे है। जत्थे को रवाना करते समय श्री दरबार साहिब के ग्रंथी साहिबान ज्ञानी गुरमिंद्र सिंह और ज्ञानी बलविंद्र सिंह समेत शिरोमणि कमेटी के कई अधिकारी भी उपस्थित थे।

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स्मरण रहे कि सिख श्रद्धालुओं के ऐसे जत्थे हर साल पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में खालसा की स्थापना और बैसाखी उत्सव मनाने जाते है। इस बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने वीजा के लिए 872 श्रद्धालुओं के आवेदन दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। इनमें से पाकिस्तान ने 33 श्रद्धालुओं को वीजा नहीं दिया।

एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि एसजीपीसी सदस्य रविंदर सिंह खालसा के नेतृत्व में यह जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ है। यह जत्था आज ही श्री पंजा साहिब पहुंचेगा। 14 अप्रैल को बैसाखी के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद 15 अप्रैल को जत्था गुरुद्वारा पंजा साहिब से ननकाना साहिब जाएगा।

उन्होंने बताया कि जत्थे में शामिल श्रद्धालु 17 अप्रैल को गुरुद्वारा सच्चा सौदा शेखुपुरा में दर्शन करेंगे और फिर ननकाना साहिब पहुंचेंगे। 18 अप्रैल को जत्था लाहौर के गुरुद्वारा श्री डेहरा साहिब जाएगा। 19 अप्रैल को जत्था गुरुद्वारा रोडी साहिब एमनाबाद और गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करेगा। इसके बाद 21 अप्रैल जत्था वापस भारत पहुंचेगा।

उधर प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के रेलवे स्टेशन वाघा में इन जत्थों का तहदिल स्वागत किया गया। भारतीय सिख श्रद्धालुओं का पाकिस्तानी आगु पूर्व प्रधान बिशन सिंह, मनिंद्र सिंह, पाकिस्तानी उकाफ बोर्ड के सचिव तारीख वजीर खान, इमरान, गोपाल, फ्रंास अब्बास समेत पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। 3 विशेष रेलगाडिय़ों द्वारा पाकिस्तान गए श्रद्धालुओं को शाम के वक्त वाघा रेलवे स्टेशन से गुरूद्वारा पंजा साहिब हसन अब्बदाल रावल पिंडी के लिए भारी सुरक्षा बंदोबस्त के तहत रवाना किया गया।

– सुनीलराय कामरेड