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बहुचर्चित सिटी सेंटर घोटाला में नया मोड़ - पूर्व एसएसपी ने लगाई सुरक्षा की गुहार

लुधियाना : पंजाब की सियासत में तूफान लाने वाले 1144 करोड़ रूपए के बहुचर्चित कथित सिटी सेंटर घोटाले के जांच अधिकारी रहे पूर्व विजिलेंस एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू ने एक अर्जी के जरिए जिला एवं सैशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में अपनी जानमाल की हिफाजत की गुहार लगाते हुए कहा कि आरोपित झूठे मामले में उन्हें फंसाने का डर दिखाकर हक में दबाव बना रहे है। पूर्व जिला पुलिस प्रमुख संधू मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरुद्ध सिटी सेंटर का मामला दर्ज करने वाले तत्कालीन विजिलेंस प्रमुख थे और इस मामले में वह शिकायतकर्ता भी है।

संधू ने अपनी अर्जी में बकायदा अदालत से यह भी आग्रह किया है कि मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व अन्य के खिलाफ अदालत में अदालत में सिटी सेंटर मामले को रद्द करवाने के लिए विजिलेंस द्वारा दाखिल की गई कैंसिलेशन रिपोर्ट पर कोई भी फ़ेसला करने से पूर्व उनको भी सुना जाए और रिपोर्ट के साथ लगाए गए सभी दस्तावेजों की कॉपी उन्हें उपलब्ध करवाई जाए वही संधू ने अदालत से आग्रह किया है कि उनकी जान माल की सुरक्षा को लेकर भी उचित निर्देश जारी किए जाए,क्योंकी उनके ऊपर झूठे मामले डालने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है । जबकि इसी मामले में कंवलजीत सिंह संधू की अर्जी के बाद आज जिला अटार्नी रविंदर अबरौल अदालत में पेश हो गए। आज सुबह जिला एवं सैशन जज गुरबीर सिंह ने अदालत में रविंदर अबरौल को उपरोक्त अर्जी की जानकारी दी। अदालत ने सरकारी पक्ष की ओर से उपरोक्त अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 26 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। इस दिन सरकारी पक्ष द्वारा पूर्व एसएसपी संधू द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दाखिल कर सकता है।

पूर्व जिला पुलिस प्रमुख संधू ने अपनी अर्जी में कहा है कि वह जुलाई 2010 में विभाग से सेवानिवृत्त हो गए थे,लेकिन इससे पहले उन्होंने बतौर विजिलेंस जि़ला पुलिस प्रमुख उपरोक्त मामला सामने आने पर ईमानदारी से अपने पद का निर्वाह करते हुए सभी तमाम सबूत इक_ा करके उपरोक्त मामला दर्ज किया था और बकायदा मामले से संबंधित बयान भी कलमबद्ध करवाए थे उनके मुताबिक उन्होंने अपने पद पर रहते हुए बिना किसी दबाव के जांच करने के बाद मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को नामजद किया था वहीं संधू ने पूर्व मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल वह कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछली सरकार के दौरान प्रकाश सिंह बादल अन्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सरकार आते ही तमाम गवाह मुकर गए,जिसके चलते तत्कालीन मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल अन्य अदालत से बरी हो गए थे वहीं इसके बाद मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सरकार आने के बाद सिटी सेंटर मामले में कैप्टन अमरिंदेर सिंह को नामज़द किया था।

सरदार संधू ने यह भी आरोप लगाया कि आम लोगों की धारणा है कि मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल व मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आपस में मिले हुए हैं और इसी के चलते तत्कालीन मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपनी सरकार के दौरान ही मौजूदा मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरुद्ध उपरोक्त मामला रद्द करवाने के लिए कैन्सललेशन रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। सरदार संधू ने आरोप लगाया कि उपरोक्त कैंसिलेशन रिपोर्ट अदालत में दाखिल होने के बाद से ही उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह उपरोक्त मामले में सरकार का सहयोग करे और कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूर करवाने के लिए अपना सहयोग दें ।

संधू ने अपनी अर्जी में यह भी आरोप लगाया कि सिटी सेंटर मामले की जांच के दौरान उनके सहयोगी रहे सुरजीत सिंह ग्रेवाल को भी इसी कारण प्रताड़ित किया गया और मना करने पर उसके विरुद्ध झूठा मामला दर्ज किया गया है ताकि उस पर भी दबाव बनाया जा सके ।सरदार संधू ने मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पूर्व मुखयमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर आरोप लगाया कि दोनों आपस में मिले हुए हैं और अपने निजी स्वार्थ के लिए वह अब पूर्व सरकारी अधिकारीयो को डरा-धमका रहे हैं ।सरदार संधू ने सीधे सीधे मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर यह भी आरोप लगाए हैं कि मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ,जिनके पास होम डिपार्टमेंट है और प्रॉसिक्यूशन उनके अधीन है और मामले ख़त्म करवाने की कोशिश कर रहे है।उनके मुताबिक उन्हें झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाकर अपने हक़ में बयान देने के लिए कहा जा रहा है ।

उन्होने यह भी आरोप लगाया कि लुधियाना के तत्कालीन एसएसपी विजिलेंस एस एस गरेवाल को पटियाला में थर्ड डिग्री टॉर्चर कर प्रताडित किया गया है । विजिलेंस ब्यूरो के पूर्व एसएसपी संधू ने आरोप लगाया कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से धमकाया जा रहा है कि अगर सिटी सेंटर मामले में दायर कैंसिलेशन रिपोर्ट को लेकर अदालत की तरफ से उन्हें कोई नोटिस दिया जाता है तो वह अदालत में पेश होकर कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूर करवाने के लिए अपनी मदद दे ,लेकिन उनके द्वारा मना किए जाने के चलते उन्हें धमकाया जा रहा है कि उनको विभिन झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा और उनकी जान को खतरा है ।

सरदार संधू ने कहा कि क़ानून मुताबिक अगर अदालत में मामले को रद्द करने के लिए कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की जाती है तो अदालत द्वारा शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया जाता है जो उन्हें अभी तक नहीं मिला है । उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि कैंसिलेशन रिपोर्ट पर कोई फैसला करने से पहले उनको बकायदा सुना जाए और तब तक उनकी जान-माल की रक्षा करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं।

हालांकि विजिलेंस ब्यूरो ने मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित अन्य के विरुद्ध सिटी सेंटर मामले को रद्द करवाने के लिए अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर रखी है,जिस पर अदालत में अभी सुनवाई लंबित है और दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी बहस की जानी बाकी है । लेकिन आज उस कैप्टन अमरिंदेर सिंह की मुश्किलों बढ़ती हुई नजऱ आयीं जब पूर्व एसएसपी जिन्होंने उपरोक्त मामला दर्ज किया था ने अचानक अदालत में आज अपनी उपरोकित अर्जी दाखिल कर दी।

पूर्व जिला पुलिस प्रमुख द्वारा अदालत में दायर की गई अर्जी के बाद अब सिटी सेंटर मामले का पटापेक्ष जल्दी होना संभव नहीं लगता है और इस पर अभी समय लगना तय है और फिलहाल इस मामले से मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व अन्य को निजात मिलती हुई नजर नहीं आ रही है तथा कानूनी पेचीदगियों के चलते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अभी और इंतजार करना पड़ेगा ।हालांकि इससे पहले जिला लुधियाना के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस व सिटी सेंटर मामले में मुख्य गवाह सुनील कुमार डे कैंसिलेशन रिपोर्ट को चुनौती दे चुके हैं,लेकिन अदालत द्वारा उनकी अर्जीयो को खारिज किया जा चुका है। संधू की अर्जी पर सुनवाई 18 जुलाई को जिला एवं सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में होगी।

सुनीलराय कामरेड